माओवाद के गढ़ में गूंजेगा तिरंगे का जयघोष, 12 से 14 अगस्त तक निकलेगी
नारायणपुर। कभी माओवादियों के प्रभाव और काले झंडों के लिए पहचाने जाने वाले बस्तर के संवेदनशील इलाकों में अब तिरंगा यात्रा निकाली जाएगी। उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा के नेतृत्व में 12 से 14 अगस्त 2026 तक नारायणपुर से कर्रेगुट्टा तक प्रस्तावित इस यात्रा को क्षेत्र में शांति, राष्ट्रभक्ति और लोकतांत्रिक विश्वास का संदेश देने वाली पहल के तौर पर देखा जा रहा है।

जानकारी के अनुसार, यात्रा बस्तर के कई संवेदनशील और लंबे समय तक माओवादी गतिविधियों से प्रभावित रहे इलाकों से होकर गुजरेगी। इनमें मिनपा-ताड़मेटला, चिंतागुफा और जगरगुंडा जैसे क्षेत्र शामिल हैं। इन इलाकों में तिरंगा यात्रा का आयोजन सुरक्षा और प्रशासनिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
यात्रा के दौरान बड़ी संख्या में लोगों के शामिल होने की संभावना है। इसका उद्देश्य ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों तक राष्ट्रीय एकता एवं देशभक्ति का संदेश पहुंचाना और लोगों में लोकतांत्रिक व्यवस्था के प्रति विश्वास को मजबूत करना बताया जा रहा है।
बस्तर में पिछले कुछ समय से सुरक्षा अभियानों के साथ-साथ विकास और प्रशासनिक पहुंच बढ़ाने पर भी जोर दिया जा रहा है। ऐसे में माओवादी प्रभाव वाले क्षेत्रों में तिरंगा यात्रा को बदलते बस्तर की तस्वीर के तौर पर देखा जा रहा है।
12 अगस्त से शुरू होने वाली यह यात्रा 14 अगस्त को कर्रेगुट्टा पहुंचेगी। यात्रा को लेकर प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। संवेदनशील क्षेत्रों से गुजरने के कारण सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी विशेष इंतजाम किए जाएंगे।
