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27 अगस्त 1976: जब सुरों का सितारा हमेशा के लिए खामोश हो गया, मुकेश

मुंबई। हिंदी सिनेमा के महान पार्श्व गायक मुकेश की आज पुण्यतिथि है। 27 अगस्त 1976 को अमेरिका के डेट्रॉइट, मिशिगन में उनका निधन हुआ था। उस समय वे लता मंगेशकर और अपने बेटे नितिन मुकेश के साथ कॉन्सर्ट टूर पर अमेरिका गए हुए थे। संगीत की एक शाम के लिए निकले मुकेश का अचानक निधन हिंदी फिल्म संगीत के इतिहास की बेहद भावुक घटनाओं में दर्ज हो गया।

Mukesh Death Anniversary Legendary Singer Was In Concert In His Last Time  Raj Kapoor Was Shocked To Hear About His Demise - Entertainment News: Amar  Ujala - पुण्यतिथि:मेरी आवाज चली गई...जब मुकेश

मुकेश अपनी दर्दभरी और दिल को छू लेने वाली आवाज के लिए खास पहचान रखते थे। उन्होंने हिंदी सिनेमा को कई यादगार गीत दिए, जिनमें उनकी आवाज ने प्रेम, जुदाई और जिंदगी के भावों को बेहद प्रभावशाली तरीके से पेश किया।

27 अगस्त 1976 को डेट्रॉइट में कॉन्सर्ट टूर के दौरान उनकी तबीयत अचानक बिगड़ी। इसके बाद उनका निधन हो गया। महज 53 वर्ष की उम्र में मुकेश के चले जाने की खबर ने फिल्म इंडस्ट्री और उनके करोड़ों प्रशंसकों को गहरे सदमे में डाल दिया।

मुकेश की आवाज को अभिनेता राज कपूर के साथ उनकी फिल्मों के लिए विशेष रूप से याद किया जाता है। ‘आवारा’, ‘श्री 420’ और ‘संगम’ जैसी फिल्मों के गीतों ने उनकी आवाज को देशभर में लोकप्रिय बनाया। उनकी गायकी में दर्द और भावनाओं की ऐसी गहराई थी, जो आज भी श्रोताओं के दिलों को छूती है।

मुकेश को उनके शानदार योगदान के लिए राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया था। उनकी आवाज और उनके गाए गीत आज भी हिंदी सिनेमा के स्वर्णिम दौर की याद दिलाते हैं।

उनके निधन को पांच दशक बीतने के बावजूद मुकेश की आवाज संगीत प्रेमियों के बीच आज भी जीवित है। उनकी पुण्यतिथि पर प्रशंसक उनके सदाबहार गीतों को याद कर उन्हें श्रद्धांजलि दे रहे हैं।

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