शिवरीनारायण से खरौद तक निकली भव्य कांवड़ यात्रा, उमड़ा शिवभक्तों का
शिवरीनारायण । सावन के तीसरे रविवार को शबरी की नगरी शिवरीनारायण से छत्तीसगढ़ की काशी कहे जाने वाले खरौद तक भव्य कांवड़ यात्रा निकाली गई। शाही पालकी के साथ निकली इस विशाल कांवड़ यात्रा में बड़ी संख्या में शिवभक्त शामिल हुए। पूरे मार्ग पर हर-हर महादेव और बोल बम के जयघोष से माहौल भक्तिमय हो गया।

कांवड़ यात्रा में शामिल श्रद्धालुओं ने पूरे उत्साह और आस्था के साथ भगवान शिव का जलाभिषेक करने के लिए पवित्र जल लेकर यात्रा पूरी की। शाही पालकी यात्रा का प्रमुख आकर्षण रही। यात्रा के दौरान जगह-जगह श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों ने कांवड़ियों का स्वागत किया।
आयोजकों के अनुसार, यह छत्तीसगढ़ की सबसे बड़ी और भव्य कांवड़ यात्राओं में से एक रही, जिसमें शिवभक्तों का जनसैलाब उमड़ पड़ा। यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखने को मिला और पूरा क्षेत्र धार्मिक रंग में रंगा नजर आया।
शिवरीनारायण से खरौद तक निकली इस कांवड़ यात्रा ने सावन के तीसरे रविवार को आस्था और भक्ति का अनूठा दृश्य प्रस्तुत किया। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की मौजूदगी से पूरा मार्ग बोल बम और हर-हर महादेव के जयघोष से गूंजता रहा।
। सावन के तीसरे रविवार को शबरी की नगरी शिवरीनारायण से छत्तीसगढ़ की काशी कहे जाने वाले खरौद तक भव्य कांवड़ यात्रा निकाली गई। शाही पालकी के साथ निकली इस विशाल कांवड़ यात्रा में बड़ी संख्या में शिवभक्त शामिल हुए। पूरे मार्ग पर हर-हर महादेव और बोल बम के जयघोष से माहौल भक्तिमय हो गया।
कांवड़ यात्रा में शामिल श्रद्धालुओं ने पूरे उत्साह और आस्था के साथ भगवान शिव का जलाभिषेक करने के लिए पवित्र जल लेकर यात्रा पूरी की। शाही पालकी यात्रा का प्रमुख आकर्षण रही। यात्रा के दौरान जगह-जगह श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों ने कांवड़ियों का स्वागत किया।
आयोजकों के अनुसार, यह छत्तीसगढ़ की सबसे बड़ी और भव्य कांवड़ यात्राओं में से एक रही, जिसमें शिवभक्तों का जनसैलाब उमड़ पड़ा। यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखने को मिला और पूरा क्षेत्र धार्मिक रंग में रंगा नजर आया।
शिवरीनारायण से खरौद तक निकली इस कांवड़ यात्रा ने सावन के तीसरे रविवार को आस्था और भक्ति का अनूठा दृश्य प्रस्तुत किया। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की मौजूदगी से पूरा मार्ग बोल बम और हर-हर महादेव के जयघोष से गूंजता रहा।
