स्वतंत्रता दिवस से पहले खुला उम्मीद का दरवाजा, अंबिकापुर जेल से 8 कैदी
अंबिकापुर। स्वतंत्रता दिवस के पहले अंबिकापुर केंद्रीय जेल में बंद आठ कैदियों के लिए राहत और नई शुरुआत का मौका लेकर आया। जेल नियमावली के तहत अच्छे आचरण और समीक्षा बोर्ड की सिफारिश के आधार पर आठ कैदियों को उनकी सजा पूरी होने से पहले ही रिहा कर दिया गया।

जानकारी के अनुसार, इन कैदियों में कुछ ऐसे भी थे, जो पिछले 14 से 15 वर्षों से जेल में बंद थे। लंबे समय तक जेल में रहने के बाद समयपूर्व रिहाई मिलने पर उनके चेहरे पर खुशी और भावुकता नजर आई। रिहाई के बाद कैदियों ने जेल प्रशासन और संबंधित प्रक्रिया के प्रति आभार जताया।
जेल प्रशासन के अनुसार, समयपूर्व रिहाई का निर्णय निर्धारित नियमों और पात्रता के आधार पर लिया गया। कैदियों के जेल में आचरण, अनुशासन और सुधारात्मक गतिविधियों में सहभागिता सहित विभिन्न पहलुओं की समीक्षा की गई। इसके बाद समीक्षा बोर्ड की अनुशंसा के आधार पर रिहाई की प्रक्रिया पूरी की गई।
स्वतंत्रता दिवस से ठीक पहले मिली इस रिहाई ने इन आठ कैदियों और उनके परिवारों के लिए उम्मीद की नई किरण पैदा की है। लंबे समय बाद अपने परिवार और समाज के बीच लौटने का अवसर मिलने से उनके परिजनों में भी खुशी का माहौल है।
जेल प्रशासन ने कहा कि सजा के दौरान अच्छे आचरण और सुधार की दिशा में सकारात्मक प्रयास करने वाले पात्र बंदियों को नियमों के तहत समयपूर्व रिहाई का लाभ दिया जाता है। इसका उद्देश्य बंदियों में सुधार, अनुशासन और समाज की मुख्यधारा में पुनर्वास की भावना को प्रोत्साहित करना है।
