छत्तीसगढ़ के 46 बांधों में 85.20% जलभराव, पांच बांध पूरी तरह लबालब
रायपुर। छत्तीसगढ़ में लगातार हो रही अच्छी बारिश का असर अब राज्य के जलाशयों पर साफ दिखाई देने लगा है। प्रदेश के 46 प्रमुख और मध्यम बांधों में जलभराव का स्तर 85.20 प्रतिशत पहुंच गया है। यह पिछले साल की समान अवधि की तुलना में करीब 12 प्रतिशत अधिक है। जलाशयों में पर्याप्त पानी आने से खरीफ फसलों की सिंचाई के साथ-साथ पेयजल और औद्योगिक जरूरतों के लिए भी राहत की उम्मीद बढ़ गई है।

जल संसाधन विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, प्रदेश के कई जलाशयों में तेजी से पानी की आवक हो रही है। खारंग, मनियारी और कोडार समेत पांच बड़े एवं मध्यम बांध पूरी तरह भर चुके हैं। लगातार बारिश जारी रहने से अन्य जलाशयों के जलस्तर में भी वृद्धि दर्ज की जा रही है।
खरीफ फसलों को मिलेगा फायदा
बांधों में पर्याप्त पानी होने से खरीफ सीजन में किसानों को सिंचाई के लिए बेहतर जल उपलब्धता मिलने की उम्मीद है। खासकर धान की फसल के लिए जलाशयों में मौजूद पानी महत्वपूर्ण साबित होगा। बारिश के बाद खेतों में नमी और जलाशयों में पर्याप्त भंडारण से किसानों को सिंचाई व्यवस्था को लेकर बड़ी राहत मिल सकती है।
पेयजल और उद्योगों के लिए भी राहत
जलाशयों में अच्छी स्थिति का असर केवल कृषि क्षेत्र तक सीमित नहीं रहेगा। प्रदेश के विभिन्न शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति के लिए भी पर्याप्त जल उपलब्ध रहेगा। इसके अलावा औद्योगिक इकाइयों की जल आवश्यकता पूरी करने में भी जलाशयों का बेहतर जलस्तर मददगार साबित होगा।
पिछले साल से बेहतर स्थिति
इस साल मानसून के दौरान हुई अच्छी बारिश के कारण प्रदेश के जलाशयों की स्थिति पिछले वर्ष की तुलना में काफी बेहतर बताई जा रही है। 46 बांधों में 85.20 प्रतिशत जलभराव इस बात का संकेत है कि आने वाले समय में पानी की उपलब्धता को लेकर प्रदेश को बड़ी राहत मिल सकती है। हालांकि जलाशयों में पानी की आवक और निकासी की स्थिति आगामी बारिश पर निर्भर करेगी।
