अचानक चालू हुई बिजली, डीपी पर काम कर रहे ठेका कर्मचारी की मौत
बेमेतरा। जिले के बेरला ब्लॉक के तारालिम गांव में बिजली विभाग की लापरवाही का आरोप लगाते हुए ग्रामीणों ने जमकर विरोध प्रदर्शन किया। ट्रांसफार्मर बदलने के काम के दौरान अचानक बिजली सप्लाई शुरू होने से 33 वर्षीय ठेका कर्मचारी हेमचंद साहू करंट की चपेट में आ गया। गंभीर रूप से झुलसने के कारण उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद परिजनों और ग्रामीणों में भारी आक्रोश देखने को मिला।
![]()
जानकारी के मुताबिक, लेंजवारा निवासी हेमचंद साहू 22 सितंबर को तारालिम गांव में ट्रांसफार्मर बदलने के लिए डीपी पर चढ़कर काम कर रहा था। इसी दौरान अचानक बिजली लाइन चालू हो गई। करंट की चपेट में आने से हेमचंद गंभीर रूप से झुलस गया और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलते ही मौके पर ग्रामीणों की भीड़ जुट गई।
हादसे के बाद आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों ने विद्युत विभाग तथा ठेकेदार पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया। बेरला उपस्वास्थ्य केंद्र में भी लोगों ने जमकर हंगामा किया। ग्रामीणों का कहना था कि बिजली लाइन बंद होने की पुष्टि किए बिना कर्मचारी को काम पर लगाया गया, जिसके चलते यह दर्दनाक हादसा हुआ।
मामले की जानकारी मिलने के बाद छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना के सूर्यासिंह चौहान समेत बड़ी संख्या में सेनानी भी मौके पर पहुंचे। मृतक के परिवार को न्याय और उचित मुआवजा देने की मांग को लेकर प्रदर्शनकारियों ने बेरला के कर्मा चौक पर चक्काजाम कर दिया। प्रदर्शन के चलते सड़क पर आवागमन प्रभावित रहा और प्रशासन पर कार्रवाई के लिए दबाव बढ़ता गया।
आंदोलन के बाद प्रशासन और विद्युत विभाग की ओर से पीड़ित परिवार को 10 लाख रुपये मुआवजा देने पर सहमति बनी। इसके बाद प्रदर्शन समाप्त किया गया। हालांकि, इस घटना ने बिजली कार्यों के दौरान सुरक्षा व्यवस्था, लाइन बंद करने की प्रक्रिया और ठेका कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब ग्रामीणों की नजर इस बात पर है कि हादसे के लिए जिम्मेदार लोगों पर विभाग और प्रशासन की ओर से क्या कार्रवाई की जाती है।
