660 करोड़ की मेडिकल खरीदी पर महाघमासान, तीन IAS अफसरों पर उठे
रायपुर। छत्तीसगढ़ में करीब 660 करोड़ रुपये के रीएजेंट और मेडिकल उपकरणों की खरीदी को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। इस मामले में तीन आईएएस अधिकारियों की भूमिका पर सवाल उठाए जा रहे हैं। आरोप है कि जरूरत नहीं होने के बावजूद करोड़ों रुपये के रीएजेंट और मेडिकल मशीनों की खरीदी की गई। इस पूरे मामले ने स्वास्थ्य विभाग की खरीदी प्रक्रिया और सरकारी धन के उपयोग को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

बताया जा रहा है कि खरीदी में जरूरत के आकलन, उपकरणों की मांग और उनकी वास्तविक उपयोगिता को लेकर सवाल उठ रहे हैं। आरोपों के मुताबिक, जिन रीएजेंट और मशीनों की तत्काल आवश्यकता नहीं थी, उनकी भी बड़े पैमाने पर खरीदी की गई। ऐसे में यह सवाल उठ रहा है कि खरीदी का प्रस्ताव किस आधार पर तैयार किया गया और इसे मंजूरी देने से पहले जरूरत का सही आकलन किया गया था या नहीं।
मामले में तीन आईएएस अधिकारियों की भूमिका चर्चा में आने के बाद प्रशासनिक स्तर पर भी हलचल की स्थिति है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी के आधार पर अभी यह स्पष्ट नहीं है कि इन अधिकारियों पर औपचारिक जांच या कार्रवाई की गई है अथवा नहीं।
660 करोड़ रुपये की इस खरीदी से जुड़े आरोपों की निष्पक्ष जांच, खरीद प्रक्रिया के दस्तावेजों की समीक्षा और उपकरणों की वास्तविक उपयोगिता का आकलन महत्वपूर्ण माना जा रहा है। फिलहाल मामले में संबंधित विभाग और अधिकारियों का आधिकारिक पक्ष सामने आना बाकी है।
नोट: यह खबर उपलब्ध कराई गई प्रारंभिक जानकारी और आरोपों पर आधारित है। प्रकाशन से पहले तीनों अधिकारियों के नाम, खरीदी की अवधि, जांच की स्थिति और विभाग का पक्ष अवश्य जोड़ें।
