नई पात्रता शर्तों पर उठे सवाल, अभ्यर्थियों ने सरकार से नियमों पर पुनर्विचार की
रायपुर। छत्तीसगढ़ में प्रस्तावित कृषि शिक्षक भर्ती से पहले राज्य सरकार द्वारा तय की गई नई पात्रता शर्तों ने हजारों कृषि स्नातकों की चिंता बढ़ा दी है। सरकार ने कृषि शिक्षक पद पर भर्ती के लिए बीएड (B.Ed) और टीईटी (TET) को अनिवार्य कर दिया है, जिससे बड़ी संख्या में ऐसे अभ्यर्थी भर्ती प्रक्रिया से बाहर होने की आशंका जता रहे हैं, जिन्होंने कृषि विषय में स्नातक की डिग्री तो प्राप्त की है, लेकिन बीएड या टीईटी की पात्रता नहीं रखते।

नई पात्रता शर्त लागू होने के बाद अभ्यर्थियों में असंतोष देखा जा रहा है। उनका कहना है कि कृषि विषय के विशेषज्ञ होने के बावजूद बीएड और टीईटी की अनिवार्यता के कारण वे भर्ती प्रक्रिया में शामिल नहीं हो पाएंगे। इससे वर्षों से कृषि शिक्षक बनने की तैयारी कर रहे युवाओं के सामने नई चुनौती खड़ी हो गई है।
अभ्यर्थियों का कहना है कि कृषि शिक्षक का पद विषय विशेषज्ञता से जुड़ा है, इसलिए भर्ती में कृषि स्नातकों को प्राथमिकता मिलनी चाहिए। उन्होंने सरकार से नई पात्रता शर्तों पर पुनर्विचार करने और ऐसे अभ्यर्थियों को राहत देने की मांग की है।
अब कृषि शिक्षक भर्ती को लेकर सरकार के अगले कदम पर हजारों अभ्यर्थियों की नजरें टिकी हुई हैं। नई पात्रता शर्तों को लेकर आने वाले दिनों में यह मुद्दा और गरमा सकता है।
