नशीले इंजेक्शन की तस्करी के मामले में 12 वर्ष का सश्रम कारावास
अंबिकापुर। मेडिकल कॉलेज के पास भारी मात्रा में नशीले इंजेक्शन के साथ गिरफ्तार किए गए आरोपी को विशेष न्यायालय नार्कोटिक्स अंबिकापुर ने 12 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने आरोपी पर एक लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना राशि जमा नहीं करने पर आरोपी को छह माह का अतिरिक्त सश्रम कारावास भुगतना होगा।

मामला करीब एक वर्ष पूर्व का है। आबकारी विभाग की संभागीय उड़नदस्ता टीम को मुखबिर से सूचना मिली थी कि मेडिकल कॉलेज के पास एक युवक नशीले इंजेक्शन लेकर मौजूद है। सूचना के आधार पर टीम ने मौके पर कार्रवाई करते हुए आरोपी को भारी मात्रा में नशीले इंजेक्शन के साथ गिरफ्तार किया था। कार्रवाई के बाद आरोपी को न्यायिक हिरासत में जेल दाखिल कराया गया था।
मामले की सुनवाई विशेष न्यायाधीश नार्कोटिक्स, अंबिकापुर अतुल कुमार श्रीवास्तव की अदालत में हुई। प्रस्तुत साक्ष्यों और अभियोजन पक्ष की दलीलों पर विचार करने के बाद न्यायालय ने 10 सितंबर को आरोपी को दोषी ठहराते हुए 12 वर्ष के सश्रम कारावास और एक लाख रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई।
मामले में आरोपी की ओर से अधिवक्ता संजय अंबष्ट ने पैरवी की, जबकि अभियोजन पक्ष की ओर से विशेष लोक अभियोजक नरेंद्र पांडेय ने न्यायालय में पक्ष रखा।
