34 साल पहले बिक चुकी जमीन का फिर हुआ सौदा, फर्जी दस्तावेजों से करोड़ों
बिलासपुर। बिलासपुर में राजस्व रिकॉर्ड की गड़बड़ी का फायदा उठाकर 34 साल पहले बेची जा चुकी जमीन को दोबारा बेचने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। आरोप है कि जमीन दलाल रमेश खत्री और जमीन मालिक संजय गवाली ने फर्जी दस्तावेज तैयार कर वर्ष 1992 में रजिस्ट्री हो चुकी जमीन का वर्ष 2021 में दोबारा सौदा कर दिया। मामले का खुलासा होने के बाद सिविल लाइन थाना पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने राजस्व रिकॉर्ड में मौजूद खामियों का लाभ उठाते हुए जमीन के स्वामित्व से जुड़े दस्तावेजों में हेराफेरी की। जांच में यह भी सामने आया है कि जमीन की दोबारा बिक्री के लिए एक मृत महिला का फर्जी प्रमाण पत्र तैयार कराया गया, जिसके आधार पर पूरी प्रक्रिया को वैध दिखाने का प्रयास किया गया।
शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने दस्तावेजों की जांच की, जिसमें वर्ष 1992 में जमीन की रजिस्ट्री होने के प्रमाण मिले। इसके बावजूद वर्ष 2021 में उसी जमीन की दोबारा बिक्री किए जाने के साक्ष्य सामने आने पर मामला दर्ज किया गया।
सिविल लाइन थाना पुलिस ने रमेश खत्री और संजय गवाली के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धोखाधड़ी, कूटरचना और फर्जी दस्तावेज तैयार करने से संबंधित धाराओं के तहत अपराध दर्ज कर लिया है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और यह पता लगाया जा रहा है कि इस फर्जीवाड़े में अन्य लोगों की भी संलिप्तता है या नहीं।
पुलिस का कहना है कि जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी तथा भूमि संबंधी फर्जीवाड़े में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
