धान खरीदी से पहले महासमुंद के 363 किसानों की बढ़ी चिंता, अब तक नहीं
महासमुंद। छत्तीसगढ़ में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की शुरुआत 15 नवंबर से होने जा रही है। खरीफ विपणन वर्ष के लिए प्रशासन ने खरीदी केंद्रों में तैयारियां तेज कर दी हैं। वहीं दूसरी ओर महासमुंद जिले के 363 किसानों की परेशानी अब तक दूर नहीं हो पाई है। धान खरीदी की तारीख नजदीक आने के साथ ही इन किसानों की चिंता भी बढ़ती जा रही है।

प्रदेशभर में धान खरीदी को लेकर प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां की जा रही हैं। खरीदी केंद्रों में व्यवस्था दुरुस्त करने, बारदाने की उपलब्धता, किसानों के पंजीयन और अन्य जरूरी व्यवस्थाओं को लेकर विभागीय अमला सक्रिय है। सरकार की ओर से किसानों से समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की प्रक्रिया को सुचारू रूप से संचालित करने की तैयारी की जा रही है।
लेकिन महासमुंद जिले में 363 किसानों का मामला अब भी लंबित होने से उनके सामने असमंजस की स्थिति बनी हुई है। खरीदी शुरू होने में अब कुछ ही दिन शेष हैं, ऐसे में प्रभावित किसानों को आशंका है कि यदि समय रहते उनकी समस्या का समाधान नहीं हुआ तो उन्हें धान बेचने में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
किसानों के लिए समर्थन मूल्य पर धान बेचना आर्थिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण है। ऐसे में पंजीयन अथवा संबंधित समस्या का निराकरण नहीं होने से उनकी चिंता बढ़ना स्वाभाविक है। अब देखना होगा कि प्रशासन इन 363 किसानों की समस्या का समाधान धान खरीदी शुरू होने से पहले कर पाता है या नहीं।
इन किसानों की निगाहें अब प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी हैं।
