75 वर्षीय महिला के अंतिम संस्कार से परिवार और समाज ने किया किनारा,
अंबिकापुर। सरगुजा जिले के अंबिकापुर में मानवता को झकझोर देने वाला मामला सामने आया है। पति की मौत के बाद दूसरे समाज के व्यक्ति से प्रेम विवाह करने वाली एक 75 वर्षीय महिला का वर्षों पहले उसके परिवार और समाज ने बहिष्कार कर दिया था। हैरानी की बात यह रही कि महिला की मौत के बाद भी यह बहिष्कार जारी रहा और न तो परिवार का कोई सदस्य तथा न ही समाज का कोई व्यक्ति उसके अंतिम संस्कार के लिए आगे आया।

महिला की मृत्यु की जानकारी मिलने पर अंबिकापुर की महापौर मंजूषा भगत ने पहल करते हुए पूरे सम्मान के साथ उसका अंतिम संस्कार कराया। उन्होंने आवश्यक व्यवस्थाएं कर मानवता का परिचय दिया और महिला को सम्मानपूर्वक अंतिम विदाई दी।
महापौर मंजूषा भगत ने इस घटना पर दुख जताते हुए कहा कि किसी व्यक्ति के जीवन में मतभेद हो सकते हैं, लेकिन मृत्यु के बाद भी उससे दूरी बनाए रखना समाज के लिए शर्मनाक है। उन्होंने कहा, “ऐसा समाज किस काम का, जो किसी व्यक्ति का अंतिम संस्कार तक न करे।”
इस घटना ने सामाजिक बहिष्कार और मानवीय संवेदनाओं को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों ने भी महापौर की पहल की सराहना करते हुए इसे मानवता और सामाजिक जिम्मेदारी का उदाहरण बताया।
