30 जुलाई से शुरू होगा श्रावण मास, दुर्लभ ग्रह-नक्षत्रीय संयोगों से बनेगा विशेष
धर्म डेस्क: भारतीय ज्योतिष शास्त्र के अनुसार इस वर्ष 30 जुलाई से प्रारंभ होने वाला श्रावण मास कई विशेष ग्रह-नक्षत्रीय संयोगों के कारण अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। ज्योतिषाचार्यों का कहना है कि इस बार श्रावण की शुरुआत शुभ और दुर्लभ महायोग के साथ होगी, जिसका धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टि से विशेष महत्व रहेगा।

जानकारों के अनुसार पूरे श्रावण मास में बनने वाले ग्रह-योग श्रद्धालुओं के लिए पूजा-पाठ, जप, तप और भगवान शिव की आराधना के लिए अनुकूल माने जा रहे हैं। खास बात यह है कि इस बार श्रावण के प्रत्येक सोमवार पर भी विभिन्न शुभ योगों का निर्माण होने की बात कही जा रही है, जिससे शिवभक्तों के लिए इन दिनों का महत्व और बढ़ जाएगा।
श्रावण मास को भगवान शिव की उपासना का सबसे पवित्र समय माना जाता है। इस दौरान श्रद्धालु व्रत, रुद्राभिषेक, जलाभिषेक तथा शिव मंत्रों का जाप कर भगवान शिव का आशीर्वाद प्राप्त करने का प्रयास करते हैं। ज्योतिष विशेषज्ञों का मानना है कि शुभ योगों में की गई पूजा और दान-पुण्य का विशेष फल प्राप्त हो सकता है।
हालांकि, ग्रह-नक्षत्रों के प्रभाव और उनके फल को लेकर अलग-अलग ज्योतिषाचार्यों की राय भिन्न हो सकती है। श्रद्धालुओं को अपनी आस्था और परंपराओं के अनुसार धार्मिक अनुष्ठान करने की सलाह दी जाती है।
