केसीसी घोटाले से जुड़ी आत्महत्या मामले में बड़ा एक्शन, तत्कालीन बैंक मैनेजर
अंबिकापुर। सरगुजा जिले की केरजू सहकारी समिति के प्रबंधक की आत्महत्या मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए जिला सहकारी केंद्रीय बैंक, पेटला शाखा के तत्कालीन शाखा प्रबंधक भूपेंद्र सिंह परिहार सहित अन्य आरोपियों के खिलाफ अपराध दर्ज किया है। मामला किसानों के नाम पर फर्जी किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) ऋण निकालकर करीब 52 लाख रुपये के कथित गबन और समिति प्रबंधक को मानसिक रूप से प्रताड़ित करने से जुड़ा है।
पुलिस के अनुसार, जांच में सामने आया कि किसानों के नाम पर फर्जी केसीसी ऋण स्वीकृत कर लाखों रुपये का गबन किया गया। आरोप है कि इस पूरे मामले की जिम्मेदारी सहकारी समिति प्रबंधक पर डाल दी गई और उन्हें लगातार नौकरी से हटाने तथा कार्रवाई करने की धमकी दी जाती रही।
बताया जा रहा है कि लगातार मानसिक दबाव और प्रताड़ना से परेशान होकर समिति प्रबंधक ने आत्महत्या कर ली थी। घटना के बाद परिजनों और स्थानीय लोगों ने निष्पक्ष जांच तथा दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की थी।
प्रारंभिक जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने तत्कालीन शाखा प्रबंधक भूपेंद्र सिंह परिहार सहित अन्य संबंधित लोगों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच के आधार पर आगे आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
इस कार्रवाई के बाद सहकारी बैंकिंग व्यवस्था में कथित अनियमितताओं और जवाबदेही को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं।

