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फंदे से लटके मिले शिक्षिका और बुजुर्ग, पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने पर मचा हड़कंप

लखनऊ। लखनऊ के जानकीपुरम में रहने वाली 38 वर्षीय शिक्षिका शिखा द्विवेदी और ठाकुरगंज निवासी 77 वर्षीय दिव्यांग रविशंकर गुप्ता की संदिग्ध हालात में मौत हो गई। दोनों के शव बीते 24 घंटे के दौरान अपने-अपने घरों में फंदे से लटके मिले। पुलिस दोनों की मौत को खुदकुशी मान रही थी, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट में उनकी गला दबाकर हत्या की पुष्टि से हड़कंप मच गया। पुलिस का कहना है कि दोनों मामलों की जांच की जा रही है।

जानकीपुरम इंस्पेक्टर ने बताया कि शिखा द्विवेदी सेक्टर एफ में मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव का काम करने वाले पति नीरज और 12 साल के बेटे निपुन के साथ रहती थीं। वह एक निजी स्कूल में शिक्षिका थीं। गुरुवार सुबह नीरज दवा की सप्लाई करने मलिहाबाद गए थे। घर पर शिखा और निपुन अकेले थे।
दोपहर करीब 12 बजे निपुन मां को खोजते हुए दूसरी मंजिल पर गया तो दुपट्टे के फंदे से उन्हें लटकता देख चीख पड़ा। शोर सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और फंदा काटकर शिखा को अस्पताल ले गए। वहां उपचार के दौरान शिखा ने दम तोड़ दिया। नीरज और आसपास रहने वालों ने किसी तरह की आशंका नहीं जताई है।
लोगों का कहना था कि दंपती के बीच कोई तनाव नहीं था। दोनों हमेशा एक-दूसरे के साथ खड़े दिखते थे। ऐसे में खुदकुशी पर संदेह जताया। देर शाम आई पोस्टमार्टम रिपोर्ट में शिखा की गला दबाकर हत्या की बात सामने आई तो नीरज व पुलिस अधिकारियों के होश उड़ गए। इंस्पेक्टर का कहना है कि घर पर 12 साल का बेटा था और बाहर का कोई व्यक्ति आया-गया भी नहीं। ऐसे में हत्या करने जैसी परिस्थितियां नहीं दिख रही हैं। जांच की जा रही है।

रविशंकर ने की थीं दो शादियां
इसके अलावा ठाकुरगंज के सरीपुरा निवासी 77 वर्षीय रविशंकर गुप्ता बुधवार देर शाम घर पर ही खिड़की से बंधे फंदे से लटके मिले। बुजुर्ग के दोनों पैर खराब थे। पुलिस का कहना है कि रविशंकर गुप्ता की पत्नी की 15 दिन पहले मौत हो गई थी। बेटे सर्वेश ने बताया कि मंगलवार को वह मुहल्ले के अपने करीबियों के साथ बैठे सामान्य बातचीत कर रहे थे।
उनके खुदकुशी करने की कोई वजह परिजनों ने नहीं बताई। हालांकि, मुहल्ले के लोग दोनों पैरों से दिव्यांग रविशंकर के फांसी लगाने की बात हजम नहीं कर पा रहे हैं। लोगों का कहना था कि उनके दोनों पैर जमीन को छू रहे थे, जिससे कोई साजिश लग रही है। बुजुर्ग की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गला दबाने से मौत की बात सामने आने से पुलिस परेशान है।

पुलिस ने बताया कि रविशंकर गुप्ता ने दो शादियां की थीं। उनकी पहली पत्नी की संतान नहीं हुई तो परिजनों ने साली से शादी करा दी। उनसे रविशंकर के दो बेटे और एक बेटी हुई। बड़ा बेटा सर्वेश भारतीय स्टेट बैंक में अधिकारी है और तीन महीने पहले ही उसने महानगर निवासी युवती से अंतरजातीय विवाह किया है। रविशंकर पहली पत्नी की मौत के बाद दूसरी पत्नी के साथ यहां रहने आए थे।

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