स्मार्ट मीटर पर सियासत और सवाल, छत्तीसगढ़ में 8,500 शिकायतों ने बढ़ाई
रायपुर। देश के कई राज्यों में स्मार्ट मीटर को लेकर विवाद और विरोध लगातार बढ़ रहा है। उत्तर प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल समेत अन्य राज्यों में उपभोक्ता स्मार्ट मीटर की रीडिंग, अधिक बिजली बिल और तकनीकी खामियों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। इसी बीच छत्तीसगढ़ में भी स्मार्ट मीटर को लेकर शिकायतों का आंकड़ा बढ़कर करीब 8,500 तक पहुंच गया है।
जानकारी के अनुसार, प्रदेशभर से बड़ी संख्या में उपभोक्ताओं ने स्मार्ट मीटर से जुड़े विभिन्न मुद्दों की शिकायत बिजली कंपनी के पास दर्ज कराई है। इनमें अपेक्षा से अधिक बिजली बिल आना, मीटर की रीडिंग को लेकर भ्रम, तकनीकी गड़बड़ी और बिलिंग संबंधी शिकायतें प्रमुख हैं।
हालांकि, छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत वितरण कंपनी का कहना है कि स्मार्ट मीटर पूरी तरह तकनीकी मानकों के अनुरूप काम कर रहे हैं। कंपनी के अधिकारियों के अनुसार, प्राप्त अधिकांश शिकायतों का निराकरण किया जा चुका है, जबकि कई मामलों में उपभोक्ताओं को मीटर की कार्यप्रणाली और बिलिंग प्रक्रिया की जानकारी नहीं होने के कारण भ्रम की स्थिति उत्पन्न हुई।
बिजली कंपनी का दावा है कि स्मार्ट मीटर से बिजली खपत की सटीक जानकारी मिलती है, बिलिंग में पारदर्शिता बढ़ती है और उपभोक्ता अपनी खपत की निगरानी भी आसानी से कर सकते हैं। वहीं उपभोक्ताओं का आरोप है कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद कई मामलों में बिजली बिल पहले की तुलना में अधिक आने लगे हैं, जिससे लोगों में असंतोष बढ़ रहा है।
स्मार्ट मीटर को लेकर बढ़ती शिकायतों और विरोध के बीच अब यह मुद्दा प्रदेश में भी चर्चा का विषय बन गया है। उपभोक्ता संगठनों ने शिकायतों की निष्पक्ष जांच और तकनीकी परीक्षण की मांग की है, जबकि बिजली कंपनी लोगों से किसी भी समस्या की स्थिति में शिकायत दर्ज कराने और तथ्यों के आधार पर समाधान लेने की अपील कर रही है।

