करोड़ों के प्रोजेक्ट, निगम बेबस! अब पीपीपी मॉडल के सहारे निजी हाथों में
बिलासपुर। नगर निगम द्वारा करोड़ों रुपये की लागत से तैयार किए गए कई महत्वाकांक्षी इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट अब प्रशासनिक अदूरदर्शिता और कमजोर वित्तीय प्रबंधन के कारण विवादों में आ गए हैं। आर्थिक सलाहकार और ठोस संचालन योजना के अभाव में निगम इन परियोजनाओं का प्रभावी संचालन नहीं कर पा रहा है। नतीजतन तारामंडल, स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स और अरपा रिवर व्यू जैसे महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट अब पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल के तहत निजी कंपनियों को सौंपे जा रहे हैं।

जानकारी के अनुसार, इन परियोजनाओं के निर्माण पर करोड़ों रुपये खर्च किए गए थे, लेकिन इनके संचालन और रखरखाव के लिए समय रहते कोई व्यवहारिक कार्ययोजना तैयार नहीं की गई। आर्थिक संसाधनों और विशेषज्ञ सलाह के अभाव में निगम स्वयं इन परिसंपत्तियों का संचालन करने में असमर्थ नजर आ रहा है।
इसी स्थिति के चलते अब इन परियोजनाओं को पीपीपी मॉडल के तहत अपेक्षाकृत कम दरों पर निजी कंपनियों को सौंपने की प्रक्रिया शुरू की गई है। इस फैसले को लेकर शहर में सवाल उठने लगे हैं कि जब सार्वजनिक धन से इतनी बड़ी परियोजनाएं तैयार की गईं, तो उनके संचालन की पूर्व योजना क्यों नहीं बनाई गई।
शहर के जानकारों और नागरिकों का कहना है कि यदि शुरुआत से ही वित्तीय प्रबंधन और संचालन की ठोस रणनीति तैयार की जाती, तो नगर निगम इन परियोजनाओं से राजस्व अर्जित कर सकता था। उनका मानना है कि जल्दबाजी में निजी कंपनियों को जिम्मेदारी सौंपने से सार्वजनिक हित प्रभावित हो सकता है।
फिलहाल निगम का कहना है कि पीपीपी मॉडल के जरिए परियोजनाओं का बेहतर संचालन सुनिश्चित किया जाएगा। हालांकि इस पूरे मामले ने नगर निगम की योजना निर्माण, वित्तीय प्रबंधन और दीर्घकालीन रणनीति पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
