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पंचायत चुनाव में उम्र को लेकर हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, आधार-वोटर आईडी

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने पंचायत चुनाव में उम्मीदवार की उम्र को लेकर अहम फैसला सुनाया है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि आधार कार्ड और वोटर आईडी में दर्ज जन्मतिथि को उम्र का निर्णायक या अंतिम प्रमाण नहीं माना जा सकता। जन्मतिथि के विवाद में प्राथमिक दस्तावेजों को अधिक महत्व दिया जाएगा।
High Court of Chhattisgarh | Official Website of e-Committee, Supreme Court  of India | India

मामला बलरामपुर जिले की ग्राम पंचायत कृष्णनगर में सरपंच पद के चुनाव से जुड़ा है। याचिकाकर्ता की आधार और वोटर आईडी में जन्मतिथि 12 अप्रैल 2002 दर्ज थी, जबकि कक्षा 10वीं सहित शैक्षणिक दस्तावेजों में जन्मतिथि 12 अप्रैल 2004 दर्ज थी। चुनाव याचिका में उनकी उम्र को लेकर सवाल उठाया गया था।

हाईकोर्ट ने कहा कि पंचायत चुनाव लड़ने के लिए उम्मीदवार का कम से कम 21 वर्ष की आयु पूरी करना अनिवार्य है। जन्मतिथि तय करने में जन्म प्रमाण-पत्र, मैट्रिकुलेशन/कक्षा 10वीं का प्रमाण-पत्र और स्कूल रिकॉर्ड जैसे दस्तावेज महत्वपूर्ण हैं। कोर्ट ने मौजूदा मामले में कक्षा 10वीं के प्रमाण-पत्र में दर्ज जन्मतिथि को विश्वसनीय माना।

कोर्ट ने यह भी कहा कि आधार और वोटर आईडी मुख्य रूप से पहचान संबंधी दस्तावेज हैं और इनमें दर्ज जन्मतिथि, परिस्थितियों के अनुसार, प्राथमिक दस्तावेजों को पीछे नहीं छोड़ सकती। इसी आधार पर कोर्ट ने सरपंच का चुनाव निरस्त करने वाले निर्वाचन अधिकरण के आदेश को बरकरार रखा और याचिका खारिज कर दी।

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