यूनियन सत्यापन से पहले श्रमिक संगठनों में भगदड़, नेताओं के पाला बदलने
बिश्रामपुर। एसईसीएल बिश्रामपुर क्षेत्र में 10 सितंबर से होने वाले एकल सदस्यता सत्यापन से पहले श्रमिक संगठनों के बीच राजनीतिक और संगठनात्मक हलचल तेज हो गई है। सत्यापन से पहले नेताओं के पाला बदलने से यूनियनों के बीच जोड़तोड़ का दौर शुरू हो गया है।
बताया जा रहा है कि इंटक के कई नेता बीएमएस और एचएमएस में शामिल हो गए हैं। नेताओं के लगातार संगठन बदलने से श्रमिक संगठनों के बीच मुकाबला और दिलचस्प हो गया है। सदस्यता सत्यापन में अधिक से अधिक श्रमिकों का समर्थन हासिल करने के लिए यूनियनें अपनी ताकत झोंक रही हैं।

बीएमएस और एटक के बीच मुख्य मुकाबला
बिश्रामपुर क्षेत्र में इस बार मुख्य मुकाबला बीएमएस और एटक के बीच माना जा रहा है। ऐसे में सत्यापन से ठीक पहले हो रही संगठनात्मक टूट-फूट और नए सदस्यों के जुड़ने का सीधा असर परिणामों पर पड़ने की संभावना जताई जा रही है।
एकल सदस्यता सत्यापन के जरिए श्रमिक संगठनों की वास्तविक सदस्य संख्या और समर्थन का आकलन किया जाएगा। यही आंकड़े आगे यूनियनों की स्थिति और प्रभाव को तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
सत्यापन की तारीख नजदीक आने के साथ श्रमिक संगठनों की सक्रियता बढ़ गई है। अब निगाहें 10 सितंबर से शुरू होने वाले सत्यापन और उसके परिणामों पर टिकी हैं।
