किराया वसूली को लेकर हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, सोनहत के व्यवसायियों की
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने कोरिया जिले के सोनहत क्षेत्र के व्यवसायियों की याचिकाओं को खारिज करते हुए किराया वसूली को लेकर महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि किसी अनुबंध का लाभ लेने के बाद केवल किराया देने से बचने के लिए संबंधित संपत्ति पर जनपद पंचायत के मालिकाना हक को चुनौती देना उचित नहीं है।

मामले में व्यवसायियों ने जनपद पंचायत की संपत्ति से जुड़े किराया विवाद को लेकर हाई कोर्ट का रुख किया था। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि जब किसी व्यक्ति ने अनुबंध के तहत संपत्ति का लाभ लिया है, तो वह बाद में अपनी संविदात्मक देनदारी से पीछे नहीं हट सकता।
हाई कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि जनपद पंचायत को बकाया किराया वसूलने का अधिकार है। इसके साथ ही नियमों के तहत किराया नहीं चुकाने वाले व्यवसायियों के खिलाफ बेदखली की कार्रवाई भी की जा सकती है।
कोर्ट के इस फैसले से सोनहत में पंचायत की संपत्तियों से जुड़े किराया विवादों को लेकर स्थिति स्पष्ट हो गई है। फैसले का सीधा संदेश है कि अनुबंध के तहत मिली सुविधा का लाभ लेने के बाद संबंधित पक्ष अपनी आर्थिक देनदारी से बचने के लिए स्वामित्व को लेकर सवाल नहीं उठा सकता।
