बस्तर एसपी कार्यालय की वेतन शाखा में 2 करोड़ से ज्यादा का गबन, तीन आरक्षक गिरफ्तार
जगदलपुर। बस्तर पुलिस अधीक्षक कार्यालय की वेतन शाखा में दो करोड़ रुपये से अधिक के सरकारी धन के गबन का सनसनीखेज मामला सामने आया है। इस मामले में पुलिस ने तीन आरक्षकों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत अपराध दर्ज किया है।
पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने वेतन शाखा में पदस्थ रहते हुए विभागीय डिजिटल हस्ताक्षरों (डिजिटल सिग्नेचर) का दुरुपयोग कर पिछले लगभग तीन वर्षों के दौरान सरकारी राशि को फर्जी तरीके से अपने नियंत्रण वाले खातों में स्थानांतरित किया। प्रारंभिक जांच में गबन की राशि दो करोड़ रुपये से अधिक बताई गई है।

मामले का खुलासा नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) के ऑडिट के दौरान हुआ। ऑडिट में वित्तीय अनियमितताएं सामने आने के बाद विभागीय जांच शुरू की गई, जिसमें डिजिटल हस्ताक्षरों के दुरुपयोग और सरकारी धन के गबन की पुष्टि होने पर पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए तीनों आरक्षकों को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धोखाधड़ी, आपराधिक विश्वासघात, जालसाजी और सरकारी धन के गबन से संबंधित धाराओं के साथ-साथ आईटी एक्ट के प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया है। मामले की विस्तृत जांच जारी है और यह भी पता लगाया जा रहा है कि इस गबन में अन्य किसी अधिकारी या कर्मचारी की भूमिका रही है या नहीं।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच के दौरान डिजिटल रिकॉर्ड, बैंक खातों और अन्य वित्तीय दस्तावेजों की गहन पड़ताल की जा रही है। गबन की वास्तविक राशि और पूरे नेटवर्क का खुलासा जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगा।
