1.75 लाख की PMEGP सब्सिडी बैंक ने लौटाई, हाईकोर्ट ने लिया कड़ा संज्ञान
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP) के तहत स्वीकृत 1.75 लाख रुपये की सब्सिडी बैंक द्वारा बिना सूचना के वापस लौटाए जाने के मामले में कड़ा रुख अपनाया है। कोर्ट ने मामले की जांच कर उचित निर्णय लेने के निर्देश दिए हैं।

हाईकोर्ट ने कलेक्टर सक्ती को निर्देशित किया है कि वे मामले से जुड़े सभी पक्षों को सुनें और 30 दिनों के भीतर जांच पूरी कर निर्णय लें। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि जांच में यह देखा जाए कि बैंक ने किस अधिकार और आधार पर स्वीकृत सब्सिडी की राशि वापस लौटाई।
बैंक की कार्रवाई पर उठे सवाल
PMEGP योजना के तहत स्वीकृत सब्सिडी की राशि वापस किए जाने को लेकर मामला हाईकोर्ट पहुंचा था। याचिकाकर्ता की ओर से बैंक की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए राहत की मांग की गई थी।
मामले में हाईकोर्ट ने कलेक्टर सक्ती को सभी संबंधित पक्षों को सुनकर तथ्यों की जांच करने को कहा है। अब कलेक्टर की जांच और निर्णय के बाद यह स्पष्ट होगा कि बैंक द्वारा सब्सिडी लौटाने की कार्रवाई नियमों के अनुरूप थी या नहीं।
कोर्ट के निर्देश के बाद अब 30 दिनों के भीतर प्रशासनिक स्तर पर मामले का निपटारा किया जाना है।
