रेलवे की ईमानदारी की मिसाल: बायो-टॉयलेट से ढूंढ निकाली 3 लाख की सोने
बिलासपुर। भारतीय रेलवे की तत्परता और ईमानदारी का सराहनीय उदाहरण उस समय सामने आया, जब बिलासपुर-बीकानेर एक्सप्रेस में सफर कर रहे एक यात्री की करीब तीन लाख रुपये मूल्य की सोने की अंगूठी बायो-टॉयलेट में गिर गई। यात्री की शिकायत पर रेलवे के मैकेनिकल विभाग और रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने संयुक्त प्रयास से अंगूठी को सुरक्षित बरामद कर उसके वास्तविक मालिक को सौंप दिया।

जानकारी के अनुसार, यात्री मुकेश पालीवाल यात्रा के दौरान ट्रेन के बायो-टॉयलेट का उपयोग कर रहे थे। इसी दौरान उनकी सोने की अंगूठी टॉयलेट में गिर गई। घटना के बाद उन्होंने तत्काल रेल मदद पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई।
शिकायत मिलते ही रेलवे प्रशासन सक्रिय हो गया। ट्रेन के बिलासपुर कोचिंग डिपो पहुंचने पर मैकेनिकल विभाग और आरपीएफ की टीम ने संबंधित कोच के बायो-टॉयलेट का टैंक सावधानीपूर्वक खोला और काफी मशक्कत के बाद अंगूठी को सुरक्षित बरामद कर लिया।
आवश्यक सत्यापन प्रक्रिया पूरी करने के बाद रेलवे अधिकारियों ने अंगूठी यात्री मुकेश पालीवाल को सौंप दी। अपनी कीमती अंगूठी वापस मिलने पर यात्री ने रेलवे प्रशासन, मैकेनिकल विभाग और आरपीएफ की तत्परता, ईमानदारी और संवेदनशील कार्यशैली की सराहना करते हुए उनका आभार व्यक्त किया।
यह घटना रेल मदद पोर्टल की प्रभावशीलता और यात्रियों की समस्याओं के त्वरित समाधान के प्रति रेलवे की प्रतिबद्धता का एक और उदाहरण बन गई है।
