ग्राम दुगली के पास हुआ था भीषण हादसा, 50 दिन तक कोमा में रहे
धमतरी। 11 नवंबर 2016 की शाम उनके जीवन की सबसे कठिन घड़ी बनकर सामने आई। धमतरी से लौटते समय ग्राम दुगली के पास शाम करीब 5 से 6 बजे के बीच हुए सड़क हादसे में उन्हें गंभीर चोटें आईं। दुर्घटना इतनी भीषण थी कि उनकी हालत बेहद नाजुक हो गई और परिजनों के सामने इलाज को लेकर बड़ी चुनौती खड़ी हो गई।

हादसे के बाद उन्हें तत्काल उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए इलाज शुरू किया। चोटों की गंभीरता के चलते वे करीब 50 दिनों तक कोमा में रहे। इस दौरान परिवार के लोगों ने उनके जल्द स्वस्थ होने की उम्मीद नहीं छोड़ी और लगातार उनके साथ बने रहे।
करीब डेढ़ महीने से अधिक समय तक कोमा में रहने के बाद उनकी हालत में धीरे-धीरे सुधार आने लगा। उनके होश में आने के बाद परिवार के लिए यह किसी नई जिंदगी की शुरुआत से कम नहीं था। लंबे इलाज और स्वास्थ्य लाभ की प्रक्रिया के दौरान उन्हें कई तरह की परेशानियों और चुनौतियों का सामना करना पड़ा।
यह हादसा उनके जीवन में एक ऐसा मोड़ साबित हुआ, जिसने न केवल उन्हें शारीरिक और मानसिक रूप से प्रभावित किया, बल्कि उनके परिवार को भी लंबे समय तक संघर्ष करने के लिए मजबूर किया। गंभीर चोटों और करीब 50 दिनों तक कोमा में रहने के बावजूद उन्होंने हिम्मत नहीं हारी। समय के साथ उपचार और परिवार के सहयोग से उन्होंने जिंदगी की जंग लड़ते हुए धीरे-धीरे सामान्य जीवन की ओर कदम बढ़ाया।
11 नवंबर 2016 की वह शाम आज भी उनके और उनके परिवार के लिए एक दर्दनाक याद है। हादसे के बाद का संघर्ष इस बात की मिसाल है कि विपरीत परिस्थितियों में हिम्मत, परिवार का साथ और उम्मीद इंसान को मुश्किल दौर से बाहर निकलने की ताकत देती है।
