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अधीक्षक की गैरमौजूदगी में चपरासियों के भरोसे छात्रावास, विद्यार्थियों की सुरक्षा

सुकमा। जिले के गादीरास स्थित प्री-मैट्रिक बालक छात्रावास में अव्यवस्थाओं को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। छात्रावास के संचालन और विद्यार्थियों की देखरेख की जिम्मेदारी संभालने वाले अधीक्षक की कथित लापरवाही के चलते यहां की व्यवस्थाएं चपरासियों के भरोसे संचालित होने का आरोप है। अधीक्षक की नियमित अनुपस्थिति और छात्रावास में रहने वाले विद्यार्थियों से कराए जा रहे कार्यों को लेकर व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं।

जानकारी के अनुसार, छात्रावास अधीक्षक प्रतिदिन सुबह और शाम लगभग एक-एक घंटे के लिए ही छात्रावास पहुंचते हैं। आरोप है कि इसके बाद शेष समय छात्रावास में रहने वाले विद्यार्थियों की देखरेख और अन्य व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी चपरासियों के भरोसे छोड़ दी जाती है। ऐसे में विद्यार्थियों की दैनिक दिनचर्या, भोजन, साफ-सफाई और अन्य जरूरी सुविधाओं की निगरानी किस तरह की जा रही है, यह बड़ा सवाल बन गया है।

छात्रावास में रहने वाले बच्चों की सुरक्षा, शिक्षा और बेहतर देखभाल सुनिश्चित करना अधीक्षक की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी होती है। इसके बावजूद यदि अधीक्षक नियमित रूप से उपस्थित नहीं रहते हैं, तो इसका सीधा असर छात्रावास की व्यवस्थाओं और विद्यार्थियों की देखरेख पर पड़ सकता है। वहीं, विद्यार्थियों से विभिन्न कार्य कराए जाने के आरोप भी मामले को गंभीर बनाते हैं।

छात्रावास जैसी संवेदनशील व्यवस्था में जिम्मेदार अधिकारी की नियमित उपस्थिति और निगरानी बेहद जरूरी है। ऐसे में संबंधित विभाग के अधिकारियों को मामले की निष्पक्ष जांच कर अधीक्षक की उपस्थिति, कार्यप्रणाली और छात्रावास की वास्तविक स्थिति का जायजा लेना चाहिए। अब देखना होगा कि इन शिकायतों और आरोपों पर विभाग क्या कदम उठाता है और छात्रावास की व्यवस्थाओं में सुधार के लिए कब तक कार्रवाई होती है।

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