अस्थायी गोठान में मौत का सिलसिला, 14 मवेशियों ने गंवाई जान
बिलासपुर। सीपत तहसील के ग्राम पंचायत झलमला में बनाए गए अस्थायी गोठान में सुविधाओं की कमी और गहरे दलदल के कारण मवेशियों की मौत का मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि यहां पिछले दो दिनों में 14 मवेशियों की दर्दनाक मौत हो चुकी है। वहीं ग्रामीणों का दावा है कि मृत मवेशियों की संख्या इससे कहीं अधिक है और यह आंकड़ा 30 के पार पहुंच चुका है। लगातार हो रही मौतों से ग्रामीणों में नाराजगी है और उन्होंने गोठान की व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं।

ग्रामीणों के अनुसार, अस्थायी गोठान में मवेशियों को रखने के लिए पर्याप्त और सुरक्षित व्यवस्था नहीं है। बारिश के कारण गोठान परिसर में पानी भरने के साथ ही जमीन दलदल में तब्दील हो गई है। गहरे कीचड़ में फंसने के कारण मवेशियों के लिए बाहर निकलना मुश्किल हो रहा है। इसी दौरान कई मवेशियों की हालत बिगड़ने के बाद मौत होने की बात सामने आई है।
बताया जा रहा है कि गोठान में न तो जल निकासी की पर्याप्त व्यवस्था है और न ही मवेशियों के लिए सुरक्षित सूखी जगह उपलब्ध है। लगातार बारिश के चलते स्थिति और गंभीर हो गई है। दलदल में फंसने वाले मवेशियों को समय पर बाहर नहीं निकाले जाने से उनकी जान पर बन आ रही है। दो दिनों में 14 मवेशियों की मौत की सूचना के बाद गांव में चिंता बढ़ गई है।
हालांकि प्रशासनिक स्तर पर सामने आए आंकड़े और ग्रामीणों द्वारा बताए जा रहे आंकड़ों में अंतर है। जहां 14 मवेशियों की मौत की जानकारी सामने आई है, वहीं ग्रामीणों का कहना है कि वास्तविक संख्या 30 से अधिक है। ग्रामीणों ने पूरे मामले की जांच कर मृत मवेशियों की संख्या स्पष्ट करने और गोठान की व्यवस्था तत्काल दुरुस्त कराने की मांग की है।
ग्रामीणों का कहना है कि गोठान में मवेशियों को सुरक्षित रखने के लिए पर्याप्त जगह, सूखा फर्श, चारा-पानी और जल निकासी जैसी बुनियादी सुविधाएं जरूरी हैं। लेकिन मौजूदा हालात में बारिश के बाद पूरा परिसर दलदल में बदल गया है। ऐसे में मवेशियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
मवेशियों की लगातार मौत के बाद अब प्रशासन के सामने गोठान की व्यवस्थाओं को तत्काल सुधारने की चुनौती है। ग्रामीणों ने मांग की है कि मौके का निरीक्षण कर स्थिति का जायजा लिया जाए, मृत मवेशियों की वास्तविक संख्या का सत्यापन किया जाए और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस व्यवस्था की जाए।
