अंबिकापुर में करोड़ों की तालाब भूमि का फर्जीवाड़ा, दस्तावेजों के सहारे बेचने
अंबिकापुर। शहर के सबसे व्यस्त इलाकों में शामिल प्रतीक्षा बस स्टैंड और रिंग रोड से लगी करोड़ों रुपये की कीमती तालाब भूमि को कथित तौर पर फर्जी दस्तावेजों के सहारे बेचने का मामला सामने आया है। जमीन से जुड़े दस्तावेजों की जांच के दौरान पूरे मामले का खुलासा होने के बाद संबंधित महकमे में हड़कंप मच गया है।

बताया जा रहा है कि तालाब की भूमि को निजी जमीन के तौर पर दर्शाते हुए उसके दस्तावेज तैयार किए गए और इसके बाद जमीन के सौदे की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई। मामले में फर्जी दस्तावेज तैयार करने और सरकारी/तालाब भूमि को बेचने के प्रयास की आशंका जताई जा रही है।
शहर के प्रमुख इलाके में स्थित होने के कारण इस जमीन की बाजार कीमत करोड़ों रुपये में बताई जा रही है। मामले के सामने आने के बाद राजस्व रिकॉर्ड, जमीन के स्वामित्व और संबंधित दस्तावेजों की जांच शुरू कर दी गई है। जांच में यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि तालाब की भूमि को किस आधार पर निजी जमीन के रूप में प्रस्तुत किया गया और इसके दस्तावेज तैयार कराने में किन लोगों की भूमिका रही।
मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासनिक स्तर पर भी दस्तावेजों की जांच की जा रही है। जांच के बाद फर्जीवाड़े में शामिल लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है। फिलहाल पूरे मामले में सामने आने वाले तथ्यों और जांच रिपोर्ट पर नजर बनी हुई है।
