जब डीजी जेल बने शिक्षक: बंदियों को पढ़ाई अंग्रेजी, दिए रोजगार और नई
बिलासपुर। केंद्रीय जेल बिलासपुर के निरीक्षण के दौरान प्रदेश के डीजी जेल हिमांशु गुप्ता का एक अलग ही रूप देखने को मिला। निरीक्षण के बीच उन्होंने शिक्षक की भूमिका निभाते हुए बंदियों की अंग्रेजी की क्लास ली और उन्हें रोजगार, व्यक्तित्व विकास तथा आत्मविश्वास बढ़ाने के महत्वपूर्ण टिप्स दिए।

निरीक्षण के दौरान डीजी जेल ने बंदियों से संवाद किया और उन्हें शिक्षा एवं कौशल विकास के महत्व के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि जेल केवल सजा काटने का स्थान नहीं, बल्कि जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने और नई शुरुआत करने का अवसर भी है।
हिमांशु गुप्ता ने बंदियों को अंग्रेजी भाषा के सामान्य शब्दों, दैनिक बातचीत और संचार कौशल से जुड़ी जानकारी दी। साथ ही उन्होंने आत्मविश्वास बढ़ाने, सकारात्मक सोच विकसित करने और जेल से बाहर निकलने के बाद रोजगार के बेहतर अवसर हासिल करने के लिए निरंतर सीखते रहने की प्रेरणा दी।
उन्होंने कहा कि शिक्षा, कौशल और अनुशासन के माध्यम से व्यक्ति अपने जीवन की नई दिशा तय कर सकता है। जेल प्रशासन भी बंदियों के पुनर्वास और उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए विभिन्न प्रशिक्षण और सुधारात्मक कार्यक्रम संचालित कर रहा है।
बंदियों ने भी डीजी जेल की इस पहल का स्वागत करते हुए इसे प्रेरणादायक बताया। अधिकारियों का कहना है कि ऐसे कार्यक्रमों का उद्देश्य बंदियों में आत्मविश्वास बढ़ाना, उन्हें रोजगार के योग्य बनाना और रिहाई के बाद समाज में सम्मानजनक जीवन जीने के लिए तैयार करना है।
