रायपुर पहुंचे कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर, राम मंदिर दान प्रकरण की निष्पक्ष
रायपुर। प्रसिद्ध कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर रायपुर प्रवास के दौरान कई ज्वलंत धार्मिक और सामाजिक मुद्दों पर खुलकर बोले। उन्होंने अयोध्या राम मंदिर से जुड़े कथित दान प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। उनका कहना था कि यदि किसी भी प्रकार की अनियमितता हुई है तो उसकी पारदर्शी जांच होनी चाहिए और जिम्मेदार लोगों को दंड मिलना चाहिए।

मतांतरण के बढ़ते मामलों पर चिंता व्यक्त करते हुए देवकीनंदन ठाकुर ने देशभर में सनातन बोर्ड के गठन की आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा कि ऐसा बोर्ड सनातन संस्कृति और धार्मिक परंपराओं के संरक्षण के साथ-साथ समाज में जागरूकता बढ़ाने का कार्य करेगा।
वंशवाद को लेकर उठ रहे सवालों पर उन्होंने कहा कि धार्मिक परंपराओं में गुरु-शिष्य परंपरा सदियों से चली आ रही है। इसे राजनीतिक वंशवाद से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए, क्योंकि आध्यात्मिक परंपराओं में उत्तराधिकार ज्ञान, संस्कार और साधना के आधार पर आगे बढ़ता है।
उन्होंने धार्मिक आयोजनों में ‘नो तिलक-नो एंट्री’ की व्यवस्था का भी समर्थन किया। उनका कहना था कि मंदिर और धार्मिक आयोजनों में आने वाले श्रद्धालुओं का तिलक लगाकर स्वागत करना भारतीय संस्कृति और सनातन परंपरा का प्रतीक है। इससे लोगों में अपनी संस्कृति और धार्मिक पहचान के प्रति सम्मान और जुड़ाव बढ़ता है।
रायपुर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान देवकीनंदन ठाकुर के इन बयानों को लेकर धार्मिक और सामाजिक क्षेत्रों में व्यापक चर्चा रही।
