‘हर घर जल’ योजना फेल! करोड़ों खर्च, फिर भी 45 घरों तक नहीं पहुंची एक बूंद
गरियाबंद। प्रधानमंत्री की महत्वाकांक्षी ‘हर घर जल’ योजना विकासखंड मैनपुर के ग्राम अमाड़ में तीन वर्ष बाद भी धरातल पर नहीं उतर पाई है। करोड़ों रुपये की लागत से बनाई गई सौर ऊर्जा आधारित पेयजल व्यवस्था आज भी शोपीस बनकर रह गई है। हालात यह हैं कि गांव के करीब 45 घरों तक आज तक एक बूंद भी स्वच्छ पेयजल नहीं पहुंच सका है।

ग्रामीणों का आरोप है कि योजना के तहत जल टंकी, पाइपलाइन और अन्य आवश्यक ढांचा तैयार तो किया गया, लेकिन व्यवस्था कभी सुचारु रूप से शुरू नहीं हो सकी। सौर ऊर्जा आधारित पानी की टंकी लंबे समय से बंद पड़ी है, जबकि कई स्थानों पर पाइपलाइन अधूरी या क्षतिग्रस्त होने के कारण जलापूर्ति पूरी तरह ठप है।
ग्रामीणों का कहना है कि उन्हें मजबूरी में गंदे और असुरक्षित जल स्रोतों पर निर्भर रहना पड़ रहा है, जिससे स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का खतरा बढ़ गया है। कई बार शिकायत करने के बावजूद अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला गया।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि योजना की तकनीकी जांच कर दोषी अधिकारियों और एजेंसियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए तथा जल्द से जल्द पेयजल व्यवस्था सुचारु कर हर घर तक स्वच्छ पानी पहुंचाया जाए।
स्थानीय लोगों का कहना है कि सरकार की महत्वाकांक्षी योजना का लाभ तभी मिलेगा, जब निर्माण कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के साथ-साथ समय पर उनका संचालन और रखरखाव भी किया जाए। फिलहाल गांव के लोग पेयजल संकट से जूझ रहे हैं और प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की उम्मीद लगाए हुए हैं।
