नक्सलवाद पर लगाम के बाद खुले पर्यटन के द्वार : अमित शाह
रायपुर। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा है कि नक्सलवाद का अवरोध दूर होने के बाद छत्तीसगढ़ में विकास के नए रास्ते खुल रहे हैं। विशेष रूप से पर्यटन के क्षेत्र में प्रदेश के सामने अपार संभावनाएं उभरकर सामने आई हैं। प्राकृतिक सौंदर्य, जलप्रपातों, घने जंगलों, समृद्ध जनजातीय संस्कृति और ऐतिहासिक धरोहरों से संपन्न छत्तीसगढ़ आने वाले समय में देश के प्रमुख पर्यटन राज्यों में अपनी अलग पहचान स्थापित कर सकता है।

अमित शाह ने कहा कि लंबे समय तक नक्सलवाद की समस्या के कारण छत्तीसगढ़ के कई खूबसूरत और प्राकृतिक रूप से समृद्ध क्षेत्रों की संभावनाओं का पूरा उपयोग नहीं हो पाया। सुरक्षा संबंधी चुनौतियों के चलते इन इलाकों में पर्यटन गतिविधियों का विस्तार भी प्रभावित रहा। अब नक्सलवाद के प्रभाव में कमी आने और सुरक्षा का वातावरण बेहतर होने से इन क्षेत्रों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने का अवसर मिल रहा है।
उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की पहचान केवल खनिज संपदा और वन संसाधनों तक सीमित नहीं है, बल्कि यहां पर्यटन की भी अपार क्षमता मौजूद है। बस्तर के प्राकृतिक नजारे, चित्रकोट और तीरथगढ़ जैसे जलप्रपात, घने वन क्षेत्र, आदिवासी परंपराएं, लोककला, हस्तशिल्प और ऐतिहासिक स्थल पर्यटकों को आकर्षित करने की क्षमता रखते हैं।
पर्यटन का विस्तार होने से प्रदेश में रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। स्थानीय युवाओं, ग्रामीणों और जनजातीय समुदायों को होम स्टे, गाइड सेवा, स्थानीय खानपान, हस्तशिल्प और अन्य पर्यटन आधारित गतिविधियों से जोड़कर उनकी आय बढ़ाई जा सकती है।
अमित शाह के इस दृष्टिकोण से छत्तीसगढ़ में पर्यटन विकास को नई गति मिलने की उम्मीद है। बेहतर सुरक्षा व्यवस्था, आधारभूत सुविधाओं का विस्तार और पर्यटन स्थलों का व्यवस्थित विकास प्रदेश को राष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर मजबूत पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। आने वाले समय में छत्तीसगढ़ प्राकृतिक और सांस्कृतिक पर्यटन के प्रमुख केंद्र के रूप में उभर सकता है।
