राष्ट्रपति भवन के ‘एट होम’ निमंत्रण में चमकी बस्तर की पहचान, ‘झिटकू-मिटकी’
रायपुर। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर राष्ट्रपति भवन में आयोजित होने वाले पारंपरिक ‘एट होम’ समारोह के निमंत्रण पत्र में इस वर्ष छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को विशेष स्थान दिया गया है। राष्ट्रपति भवन से भेजे जा रहे निमंत्रण पत्र में बस्तर की प्रसिद्ध ढोकरा शिल्प कला से निर्मित ‘झिटकू-मिटकी’ की आकृति को शामिल किया गया है। इसे प्रदेश की जनजातीय कला और लोक परंपराओं के लिए एक बड़ी राष्ट्रीय उपलब्धि माना जा रहा है।

‘झिटकू-मिटकी’ बस्तर की लोककथाओं और जनजीवन से जुड़ी एक प्रसिद्ध सांस्कृतिक पहचान है। ढोकरा शिल्प की पारंपरिक तकनीक से तैयार यह कलाकृति न केवल बस्तर की कलात्मक उत्कृष्टता को दर्शाती है, बल्कि वहां की ऐतिहासिक विरासत, लोक संस्कृति और जनजातीय जीवनशैली का भी प्रतीक है।
राष्ट्रपति भवन के प्रतिष्ठित समारोह के निमंत्रण पत्र में इस आकृति को स्थान मिलने से छत्तीसगढ़ की पारंपरिक कला को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिली है। कला एवं संस्कृति से जुड़े लोगों का मानना है कि इससे बस्तर की ढोकरा कला को देश-विदेश में और अधिक पहचान मिलेगी तथा स्थानीय शिल्पकारों को भी प्रोत्साहन मिलेगा।
विशेषज्ञों के अनुसार, यह सम्मान केवल एक कलाकृति का नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, जनजातीय परंपराओं और लोक कला की उत्कृष्टता का सम्मान है। इससे राज्य की पारंपरिक हस्तशिल्प कला को राष्ट्रीय मंच पर नई प्रतिष्ठा प्राप्त हुई है।
