सरकारी दवा खरीदी पर घिरा CGMSC, गुणवत्ता जांच के बाद कार्रवाई शुरू
रायपुर। छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेज कार्पोरेशकीन (CGMSC) की करीब 190 करोड़ रुपये दवा खरीदी एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। गुणवत्ता जांच में पैरासिटामोल के चार बैच अमानक (सब-स्टैंडर्ड) पाए जाने के बाद शुरू हुई कार्रवाई ने पूरे मामले को चर्चा का विषय बना दिया है।

जानकारी के अनुसार, गुणवत्ता परीक्षण में संबंधित बैच निर्धारित मानकों पर खरे नहीं उतरे। इसके बाद संबंधित दवा बैचों पर कार्रवाई शुरू की गई है। हालांकि, इस कार्रवाई को लेकर कई सवाल भी उठ रहे हैं कि यदि दवाएं अमानक थीं, तो उनकी आपूर्ति और वितरण की प्रक्रिया में गुणवत्ता नियंत्रण कैसे सुनिश्चित किया गया।
सूत्रों के अनुसार, मामला करीब 190 करोड़ रुपये की दवा खरीदी से जुड़ा है। ऐसे में दवा की गुणवत्ता, सप्लाई और निगरानी व्यवस्था को लेकर जवाबदेही तय करने की मांग भी उठ रही है।
स्वास्थ्य विभाग और CGMSC की ओर से संबंधित मामलों की जांच और नियमानुसार कार्रवाई की बात कही गई है। अधिकारियों का कहना है कि मरीजों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और गुणवत्ता मानकों से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि सरकारी अस्पतालों में उपयोग होने वाली दवाओं की गुणवत्ता पर नियमित निगरानी और पारदर्शी जांच व्यवस्था बेहद आवश्यक है, ताकि मरीजों को सुरक्षित और प्रभावी दवाएं उपलब्ध कराई जा सकें।
