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मौसम बिगड़ा तो बढ़ी किसानों की चिंता, बारिश ने रोकी धान कटाई

कोरबा। बंगाल की खाड़ी में उठे चक्रवात के प्रभाव से कोरबा जिले में मौसम का मिजाज बिगड़ गया है। बुधवार सुबह से शुरू हुई बारिश दिनभर जारी रहने के कारण खेतों में धान की कटाई का काम प्रभावित हुआ। खेतों में पककर तैयार खड़ी फसल को लेकर किसानों की चिंता बढ़ गई है। कटाई के महत्वपूर्ण समय पर बारिश होने से किसानों के सामने फसल को सुरक्षित रखने की चुनौती खड़ी हो गई है। मौसम की इस स्थिति ने खेती-किसानी से जुड़े कार्यों की रफ्तार धीमी कर दी है।

दिनभर बारिश से कृषि कार्य प्रभावित

धान की फसल पकने के बाद किसान कटाई और मिंजाई की तैयारी में जुटे हुए हैं। कई खेतों में फसल कटाई के लिए तैयार है, लेकिन मौसम में आए बदलाव ने किसानों की योजना पर असर डाला है। बुधवार सुबह से लगातार बारिश होने के कारण खेतों में काम करना मुश्किल हो गया। गीले खेतों में कटाई करने से मजदूरों और कृषि उपकरणों के इस्तेमाल में भी परेशानी आ सकती है।

किसानों को आशंका है कि यदि बारिश का सिलसिला आगे भी जारी रहा, तो कटाई में और देरी हो सकती है। इससे तैयार फसल को सुरक्षित रखने की चुनौती बढ़ जाएगी। जिन किसानों ने कटाई की तैयारी कर ली थी, उन्हें अब मौसम की स्थिति के अनुसार आगे की योजना बनानी पड़ रही है।

पककर तैयार धान की फसल को लेकर चिंता

धान की फसल किसानों की सालभर की मेहनत और आर्थिक जरूरतों से जुड़ी होती है। बीज, खाद, दवाइयों, सिंचाई और मजदूरी पर खर्च करने के बाद किसान फसल की कटाई के समय बेहतर उपज की उम्मीद करते हैं। ऐसे में कटाई के दौरान बारिश होने से उनकी चिंता बढ़ना स्वाभाविक है।

यदि खेतों में पानी जमा होता है या कटी हुई फसल बारिश की चपेट में आती है, तो उपज की गुणवत्ता प्रभावित होने का खतरा रहता है। अधिक नमी के कारण धान को सुखाने और सुरक्षित भंडारण में भी परेशानी हो सकती है। हालांकि, नुकसान की वास्तविक स्थिति बारिश की मात्रा, खेतों में जल निकासी और फसल की अवस्था पर निर्भर करेगी।

किसानों को सतर्क रहने की जरूरत

मौसम में बदलाव को देखते हुए किसानों को सलाह दी जाती है कि वे स्थानीय मौसम पूर्वानुमान पर नजर रखें और फसल की स्थिति के अनुसार कटाई का निर्णय लें। खेतों में जल निकासी की व्यवस्था दुरुस्त रखना जरूरी है, ताकि बारिश का पानी लंबे समय तक जमा न रहे।

जिन किसानों ने पहले ही धान की कटाई कर ली है, उन्हें कटी हुई फसल को सुरक्षित और सूखे स्थान पर रखने की व्यवस्था करनी चाहिए। जरूरत पड़ने पर तिरपाल से फसल को ढककर बारिश से बचाया जा सकता है। मिंजाई के बाद धान को उचित तरीके से सुखाने के बाद ही भंडारित करना चाहिए।

मौसम पर टिकी किसानों की नजर

कोरबा जिले में बारिश के कारण धान कटाई का काम प्रभावित होने से किसानों की नजर अब मौसम के अगले रुख पर टिकी है। किसान चाहते हैं कि जल्द मौसम साफ हो, ताकि खेतों में तैयार फसल की कटाई समय पर पूरी की जा सके। फिलहाल बारिश ने कटाई की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया है और किसानों को अपनी उपज सुरक्षित रखने के लिए अतिरिक्त सावधानी बरतनी पड़ रही है।

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