बिजली इंजीनियरों ने खोला मोर्चा, मांगें पूरी नहीं हुईं तो अनिश्चितकालीन हड़ताल
रायपुर। छत्तीसगढ़ की बिजली व्यवस्था संभालने वाले इंजीनियर अब अपनी लंबित मांगों को लेकर आंदोलन के मूड में हैं। छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत मंडल पत्रोपाधि अभियंता संघ ने मांगों के निराकरण को लेकर प्रबंधन के सामने अपनी बात रखी है। संघ ने चेतावनी दी है कि मांगें पूरी नहीं होने पर आंदोलन चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जाएगा और जरूरत पड़ने पर अनिश्चितकालीन हड़ताल भी की जा सकती है।

संघ का कहना है कि उनकी कई मांगें लंबे समय से लंबित हैं, लेकिन अब तक ठोस समाधान नहीं होने से इंजीनियरों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। संघ की प्रमुख मांगों में कनिष्ठ अभियंताओं से सहायक अभियंता पद पर पदोन्नति के लिए 70 प्रतिशत विभागीय कोटा लागू करना शामिल है। ट्रांसमिशन कंपनी में भी 70 प्रतिशत पदोन्नति कोटा देने की मांग की गई है।
इसके अलावा इंजीनियरों ने पुरानी पेंशन योजना का लाभ देने, लंबित पदोन्नति आदेश जारी करने और C-OFF के भुगतान की मांग उठाई है। संघ ने सहायक अभियंता से कार्यपालन अभियंता पद पर पदोन्नति, बेहतर वेतनमान और अन्य सेवा संबंधी मांगों को भी प्रमुखता से रखा है।
इंजीनियरों का कहना है कि वितरण केंद्रों में पर्याप्त तकनीकी और कार्यालयीन कर्मचारियों की व्यवस्था नहीं होने से कार्य का दबाव बढ़ रहा है। कर्मचारियों की कमी का सीधा असर बिजली व्यवस्था के संचालन और उपभोक्ताओं को मिलने वाली सेवाओं पर पड़ सकता है।
संघ ने प्रबंधन से लंबित मांगों पर जल्द निर्णय लेने की मांग की है। वहीं मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं होने की स्थिति में आंदोलन को और तेज करने की चेतावनी दी गई है।
