खैर लकड़ी मामले में आरोपित के घर से 81 लाख रुपये जब्त
सारंगढ़-बिलाईगढ़। खैर लकड़ी के अवैध परिवहन और कथित फर्जी एनओसी के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए आरोपित मनीष अग्रवाल के घर से 81 लाख रुपये नकद बरामद किए हैं। पुलिस ने यह कार्रवाई न्यायालय से सर्च वारंट प्राप्त करने के बाद की। सात सितंबर को पुलिस टीम ने ग्राम मुड़पार स्थित आरोपित के मकान की तलाशी ली, जहां से बड़ी मात्रा में नकदी मिलने के बाद उसे जब्त कर लिया गया।

पुलिस के अनुसार, खैर लकड़ी के अवैध परिवहन से जुड़े मामले की जांच के दौरान आरोपित की गतिविधियों और कथित तौर पर तैयार कराए गए फर्जी दस्तावेजों को लेकर जांच आगे बढ़ाई जा रही थी। इसी क्रम में पुलिस ने न्यायालय से सर्च वारंट प्राप्त कर आरोपित के मकान की तलाशी ली। तलाशी के दौरान 81 लाख रुपये की नकदी बरामद हुई। इतनी बड़ी रकम मिलने के बाद पुलिस ने नकदी के स्रोत और इसके अपराध से संभावित संबंध को लेकर जांच तेज कर दी है।
पुलिस को आशंका है कि बरामद नकदी का संबंध मामले में कथित तौर पर अर्जित की गई अवैध संपत्ति से हो सकता है। हालांकि, नकदी वास्तव में अपराध से अर्जित राशि है या नहीं, इसका अंतिम निर्धारण जांच के बाद ही होगा। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपित के पास इतनी बड़ी मात्रा में नकदी कहां से आई और इसका खैर लकड़ी के अवैध परिवहन से जुड़े मामले से क्या संबंध है।
बताया जा रहा है कि खैर लकड़ी के अवैध परिवहन के मामले में एनओसी की वैधता और दस्तावेजों की सत्यता भी जांच के दायरे में है। पुलिस कथित फर्जी एनओसी तैयार कराने, उसके इस्तेमाल और इसके जरिए लकड़ी के परिवहन की पूरी प्रक्रिया की पड़ताल कर रही है। इस दौरान सामने आने वाले दस्तावेजों, लेनदेन और संबंधित लोगों की भूमिका को भी जांच में शामिल किया जा रहा है।
सात सितंबर को हुई तलाशी के दौरान नकदी जब्त किए जाने के बाद अब पुलिस आर्थिक पहलू से भी मामले की जांच कर रही है। बरामद 81 लाख रुपये को लेकर बैंक खातों, संपत्ति और अन्य वित्तीय लेनदेन की जानकारी जुटाई जा सकती है। पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि कहीं इस रकम का इस्तेमाल अवैध गतिविधियों से अर्जित धन को छिपाने या दूसरे माध्यमों से खपाने में तो नहीं किया गया।
अपराध से अर्जित संपत्ति से नकदी के जुड़े होने की आशंका को देखते हुए कुर्की की कार्रवाई भी की जा रही है। पुलिस की जांच में यदि यह साबित होता है कि बरामद रकम अपराध से अर्जित संपत्ति का हिस्सा है, तो नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल नकदी को जब्त कर मामले की जांच जारी है।
इस कार्रवाई को खैर लकड़ी के अवैध परिवहन के खिलाफ पुलिस की महत्वपूर्ण कार्रवाई माना जा रहा है। मामले में आने वाले दिनों में दस्तावेजी साक्ष्यों, आर्थिक लेनदेन और अन्य आरोपितों की भूमिका सामने आने की संभावना है। पुलिस पूरे मामले की कड़ियों को जोड़ने में जुटी हुई है।
