BSP ई-ऑक्शन विवाद: 10 लाख रुपये की बयाना राशि जब्ती के खिलाफ
बिलासपुर। भिलाई स्टील प्लांट (BSP) के ई-ऑक्शन में जमा की गई 10 लाख रुपये की बयाना (EMD) राशि की जब्ती को चुनौती देने वाली कामधेनु ट्रेडिंग की याचिका को बिलासपुर हाई कोर्ट ने खारिज कर दिया है। अदालत ने मामले में हस्तक्षेप से इनकार करते हुए कंपनी को राहत देने से मना कर दिया।

याचिकाकर्ता कामधेनु ट्रेडिंग ने हाई कोर्ट में दायर याचिका में कहा था कि भिलाई स्टील प्लांट द्वारा ई-ऑक्शन प्रक्रिया के दौरान जमा की गई 10 लाख रुपये की बयाना राशि को जब्त करना नियमों के विपरीत है। कंपनी ने इस कार्रवाई को निरस्त करने और राशि वापस दिलाने की मांग की थी।
मामले की सुनवाई के बाद हाई कोर्ट ने उपलब्ध तथ्यों और रिकॉर्ड का अवलोकन करते हुए याचिका को खारिज कर दिया। अदालत के फैसले के बाद भिलाई स्टील प्लांट द्वारा की गई बयाना राशि जब्ती की कार्रवाई बरकरार रहेगी।
इस फैसले को ई-ऑक्शन प्रक्रिया से जुड़े मामलों में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह निर्णय सरकारी उपक्रमों की ई-नीलामी प्रक्रिया में निर्धारित शर्तों और अनुबंधीय दायित्वों के पालन को लेकर स्पष्ट संदेश देता है।
