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टोनही कहना दंडनीय अपराध, पांच साल तक कठोर सजा का प्रावधान

राजनांदगांव। महारानी लक्ष्मी बाई कन्या शाला में आयोजित विधिक साक्षरता शिविर में नागरिकों को टोनही प्रताड़ना निवारण कानून और आपराधिक मामलों में कानूनी अधिकारों की जानकारी दी गई। शिविर में न्यायाधीश अमित जिंदल ने टोनही प्रताड़ना निवारण अधिनियम के प्रावधानों को समझाते हुए कहा कि किसी महिला या व्यक्ति को टोनही कहना दंडनीय अपराध है और इसके लिए पांच साल तक कठोर कारावास का प्रावधान है।

छत्तीसगढ़ में किसी को भी टोनही कहा तो दर्ज होगा अपराध, पांच वर्ष की होगी सजा

न्यायाधीश जिंदल ने बताया कि अंधविश्वास के नाम पर किसी व्यक्ति को प्रताड़ित करना कानूनन अपराध है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि ऐसी घटनाओं को बढ़ावा देने के बजाय तत्काल इसकी सूचना संबंधित पुलिस या प्रशासनिक अधिकारियों को दें। शिविर का उद्देश्य लोगों को उनके कानूनी अधिकारों और उपलब्ध न्यायिक सहायता के प्रति जागरूक करना रहा।

शिविर में बीएनएसएस के तहत इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से एफआईआर दर्ज कराने के कानूनी अधिकार की भी जानकारी दी गई। नागरिकों को बताया गया कि निर्धारित प्रक्रिया के तहत इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से अपराध की सूचना पुलिस तक पहुंचाई जा सकती है। इसके साथ ही कानून से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण प्रावधानों और नागरिकों के अधिकारों के बारे में भी जानकारी दी गई।

कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों और उपस्थित नागरिकों ने कानूनी प्रावधानों से संबंधित जानकारी प्राप्त की। वक्ताओं ने कहा कि कानून की जानकारी होने से नागरिक अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होते हैं और किसी भी तरह की कानूनी समस्या की स्थिति में उचित कदम उठा सकते हैं।

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