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छत्तीसगढ़ समेत 5 राज्यों में रेल कनेक्टिविटी को मिलेगी रफ्तार, 10,783 करोड़

नई दिल्ली/रायपुर। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने देश के पांच राज्यों में तीन मल्टीट्रैकिंग रेल परियोजनाओं को मंजूरी दी है। इन परियोजनाओं पर करीब 10,783 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। इसके तहत लगभग 656 किलोमीटर रेल नेटवर्क का विस्तार किया जाएगा। परियोजनाओं का लाभ छत्तीसगढ़ समेत पांच राज्यों के 14 जिलों, 4,790 गांवों और करीब 56 लाख लोगों को मिलने की उम्मीद है।

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रेल नेटवर्क के विस्तार से इन क्षेत्रों में यात्री सेवाओं के साथ माल परिवहन की क्षमता भी बढ़ेगी। सरकार का मानना है कि मल्टीट्रैकिंग से रेल मार्गों पर ट्रेनों की आवाजाही अधिक सुचारु होगी और यातायात का दबाव कम करने में मदद मिलेगी। इससे यात्रियों को बेहतर कनेक्टिविटी मिलने के साथ माल ढुलाई की गति भी बढ़ेगी।

छत्तीसगढ़ समेत कई जिलों को फायदा

परियोजनाओं के दायरे में आने वाले क्षेत्रों में रेल संपर्क मजबूत होने से ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों को भी बेहतर परिवहन सुविधा मिल सकेगी। करीब 4,790 गांवों के लोगों को इसका सीधा या अप्रत्यक्ष लाभ मिलने की संभावना है। बेहतर रेल कनेक्टिविटी से स्थानीय कारोबार, उद्योग और रोजगार गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

माल ढुलाई क्षमता बढ़ेगी

मल्टीट्रैकिंग परियोजनाओं का एक बड़ा फायदा माल ढुलाई क्षमता में वृद्धि के रूप में सामने आएगा। रेल मार्गों पर अतिरिक्त ट्रैक उपलब्ध होने से मालगाड़ियों की आवाजाही को बेहतर तरीके से संचालित किया जा सकेगा। इससे कोयला, खनिज और अन्य औद्योगिक सामग्री के परिवहन में भी सुविधा मिलने की संभावना है।

परिवहन लागत और प्रदूषण में कमी

सरकार के अनुसार, रेल परिवहन को मजबूत करने से सड़क परिवहन पर निर्भरता कम करने में मदद मिलेगी। इससे परिवहन लागत घटने के साथ कार्बन उत्सर्जन कम करने में भी योगदान मिलेगा। परियोजनाएं पूरी होने के बाद क्षेत्रीय कनेक्टिविटी और लॉजिस्टिक्स व्यवस्था को मजबूती मिलने की उम्मीद है।

केंद्रीय मंत्रिमंडल की मंजूरी के बाद इन परियोजनाओं को देश के रेल बुनियादी ढांचे के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इससे यात्रियों के साथ उद्योग और व्यापार क्षेत्र को भी लंबे समय में फायदा मिलने की संभावना है।

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