FEATUREDGeneralLatestNewsUncategorizedछत्तीसगढ़रायपुर

जेल की सलाखों के पीछे गढ़ी आस्था, कैदियों ने बनाईं 500 से ज्यादा इको

रायपुर। गणेशोत्सव को लेकर राजधानी रायपुर के केंद्रीय जेल में बंद कैदियों ने इस बार एक अनोखी और प्रेरणादायक पहल की है। हत्या के मामलों में आजीवन कारावास की सजा काट रहे कैदियों ने अपनी कला और भक्ति को मिलाकर 500 से अधिक इको-फ्रेंडली भगवान गणेश की प्रतिमाएं तैयार की हैं।

Raipur Central Jail

जेल परिसर में तैयार की गई इन प्रतिमाओं को अब आम लोगों के लिए बिक्री के लिए उपलब्ध कराया गया है। मूर्तियों की बिक्री के लिए जेल परिसर में स्थित शॉपिंग कॉम्प्लेक्स ‘उत्थान’ के साथ ही जेल के बाहर विशेष स्टॉल लगाए गए हैं।

सुबह 9 से शाम 6 बजे तक खरीदारी

आम नागरिक इन स्टॉलों और ‘उत्थान’ परिसर से सुबह 9 बजे से शाम 6 बजे तक गणेश प्रतिमाओं की खरीदारी कर सकते हैं। इको-फ्रेंडली होने के कारण इन प्रतिमाओं को पर्यावरण संरक्षण के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

मेहनत का मिलेगा पारिश्रमिक

इन प्रतिमाओं की बिक्री से प्राप्त राशि में से निर्माण की लागत निकालने के बाद बची रकम कैदियों को प्रोत्साहन और पारिश्रमिक के रूप में दी जाएगी। इससे कैदियों को अपनी कला के जरिए आर्थिक प्रोत्साहन मिलने के साथ आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ने का अवसर भी मिलेगा।

जेल प्रशासन की इस पहल का उद्देश्य कैदियों को रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ना और उनकी कला व हुनर को सकारात्मक दिशा देना है। गणेशोत्सव के बहाने जेल की चारदीवारी के भीतर तैयार हुई ये प्रतिमाएं आस्था के साथ सुधार और पुनर्वास की भावना को भी सामने ला रही हैं।

Admin

Reporter