इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय की वैश्विक पहचान मजबूत, 23 देशों के 253
खैरागढ़। एशिया के पहले और देश के प्रतिष्ठित इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय, खैरागढ़ की अंतरराष्ट्रीय पहचान लगातार मजबूत होती जा रही है। नए शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए दुनिया के 23 देशों से 253 विदेशी विद्यार्थियों ने विश्वविद्यालय में प्रवेश के लिए आवेदन किया है। विदेशी छात्रों की बढ़ती रुचि विश्वविद्यालय की शैक्षणिक गुणवत्ता, कला-संगीत की समृद्ध परंपरा और वैश्विक प्रतिष्ठा को दर्शाती है।

विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार, इस वर्ष विदेशी विद्यार्थियों की ओर से बड़ी संख्या में आवेदन प्राप्त हुए हैं। इनमें संगीत, नृत्य, ललित कला और अन्य रचनात्मक पाठ्यक्रमों में अध्ययन की इच्छा रखने वाले छात्र शामिल हैं। आवेदन प्रक्रिया के बाद निर्धारित नियमों के अनुसार पात्र अभ्यर्थियों का चयन किया जाएगा।
इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय लंबे समय से भारतीय शास्त्रीय संगीत, लोककला, नृत्य और ललित कला के संरक्षण एवं संवर्धन का प्रमुख केंद्र रहा है। यही कारण है कि हर वर्ष विदेशों से बड़ी संख्या में विद्यार्थी यहां शिक्षा प्राप्त करने के लिए आकर्षित होते हैं।
विश्वविद्यालय प्रशासन का मानना है कि विदेशी छात्रों की बढ़ती भागीदारी से न केवल सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि छत्तीसगढ़ की कला और संस्कृति को भी वैश्विक मंच पर नई पहचान मिलेगी। नए शैक्षणिक सत्र में अंतरराष्ट्रीय विद्यार्थियों की मौजूदगी विश्वविद्यालय परिसर को और अधिक बहुसांस्कृतिक एवं समृद्ध बनाएगी।
