उच्च शिक्षा व्यवस्था पर सवाल, 35 विश्वविद्यालयों और 600 कॉलेजों में 10 हजार
रायपुर। छत्तीसगढ़ में उच्च शिक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। प्रदेश के 35 विश्वविद्यालयों और करीब 600 कॉलेजों में 10 हजार से अधिक शैक्षणिक पद रिक्त बताए जा रहे हैं। इनमें राज्य के 15 शासकीय और 20 निजी विश्वविद्यालय शामिल हैं। लंबे समय से पद खाली होने के बावजूद इनके भरने की प्रक्रिया में अपेक्षित तेजी नहीं आने से उच्च शिक्षा की गुणवत्ता और विद्यार्थियों के भविष्य को लेकर चिंता बढ़ रही है।
जानकारी के मुताबिक, प्रदेश के विभिन्न विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में बड़ी संख्या में प्रोफेसर, सहायक प्राध्यापक और अन्य शैक्षणिक पद रिक्त हैं। शिक्षकों की कमी का सीधा असर विद्यार्थियों की पढ़ाई, शोध कार्य और शैक्षणिक गतिविधियों पर पड़ने की आशंका है।
आरोप है कि लंबे समय से रिक्त पदों की स्थिति सामने आने के बावजूद शासन और निजी शिक्षण संस्थानों की ओर से भर्ती प्रक्रिया को लेकर अपेक्षित गंभीरता नहीं दिखाई जा रही है। कई संस्थानों में सीमित संख्या में उपलब्ध शिक्षकों पर अतिरिक्त शैक्षणिक जिम्मेदारियों का दबाव बढ़ रहा है।
शिक्षा क्षेत्र से जुड़े लोगों का कहना है कि उच्च शिक्षा संस्थानों में पर्याप्त संख्या में योग्य शिक्षकों की नियुक्ति किए बिना शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार का लक्ष्य हासिल करना मुश्किल होगा। ऐसे में सरकार और संबंधित विश्वविद्यालय प्रबंधन से रिक्त शैक्षणिक पदों को जल्द भरने और भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता व तेजी लाने की मांग उठ रही है।
प्रदेश में उच्च शिक्षा के विस्तार के साथ विद्यार्थियों की संख्या लगातार बढ़ रही है। ऐसे में शिक्षकों के हजारों पद खाली रहना सरकार के सामने बड़ी चुनौती माना जा रहा है। अब निगाहें इस बात पर हैं कि शासन इन रिक्तियों को भरने के लिए क्या ठोस कदम उठाता है।

