जंगल में माओवादियों का खजाना! जमीन के नीचे दबे हथियार-विस्फोटक बरामद
राजनांदगांव/महाराष्ट्र-छत्तीसगढ़ सीमा। महाराष्ट्र-छत्तीसगढ़ सीमा से लगे कोपर्शी जंगल में सुरक्षा बलों को माओवादी गतिविधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के दौरान बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने जंगल क्षेत्र में जमीन के नीचे छिपाकर रखे गए हथियार और विस्फोटक सामग्री का जखीरा बरामद किया है। बरामदगी के बाद इलाके में सुरक्षा व्यवस्था और सर्चिंग अभियान को और तेज कर दिया गया है।

पुलिस को सूचना मिली थी कि महाराष्ट्र-छत्तीसगढ़ सीमा से लगे घने जंगल क्षेत्र में माओवादियों ने हथियार और विस्फोटक सामग्री को जमीन के नीचे छिपाकर रखा है। सूचना के आधार पर सुरक्षा बलों की टीम ने कोपर्शी जंगल में सघन तलाशी अभियान शुरू किया। जंगल के दुर्गम और संवेदनशील इलाके में जवानों ने सावधानीपूर्वक सर्चिंग करते हुए संदिग्ध स्थानों की जांच की।
तलाशी के दौरान जवानों को जमीन के नीचे छिपाकर रखा गया सामान बरामद हुआ। जांच करने पर इसमें माओवादी संगठन से संबंधित हथियार एवं विस्फोटक सामग्री होने की पुष्टि हुई। सुरक्षा बलों ने पूरे क्षेत्र को सुरक्षित करते हुए बरामद सामग्री को कब्जे में लिया। आशंका है कि माओवादियों ने सुरक्षा बलों को निशाना बनाने या किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने के उद्देश्य से इस सामग्री को जंगल में छिपाकर रखा था।
बरामदगी के बाद सुरक्षा बलों ने आसपास के जंगल क्षेत्र में भी व्यापक सर्चिंग अभियान चलाया। किसी अन्य स्थान पर हथियार, विस्फोटक या माओवादी सामग्री छिपाकर रखे जाने की आशंका को देखते हुए जवानों द्वारा इलाके की बारीकी से जांच की जा रही है। सीमा से लगे जंगलों में सुरक्षा बलों की गतिविधियां भी बढ़ा दी गई हैं।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, माओवादी संगठन लंबे समय से दुर्गम जंगल क्षेत्रों में हथियार और विस्फोटक सामग्री को छिपाकर रखते हैं, ताकि जरूरत पड़ने पर उसका इस्तेमाल किया जा सके। सुरक्षा बलों द्वारा लगातार चलाए जा रहे अभियान के कारण माओवादी नेटवर्क पर दबाव बढ़ा है और जंगलों में छिपाकर रखे गए हथियारों की बरामदगी से उनके मंसूबों को बड़ा झटका माना जा रहा है।
फिलहाल पुलिस और सुरक्षा बल बरामद हथियार एवं विस्फोटक सामग्री की जांच कर रहे हैं। यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि यह सामग्री किस माओवादी दल द्वारा यहां छिपाई गई थी और इसे किस उद्देश्य से रखा गया था। साथ ही आसपास के इलाकों में माओवादी गतिविधियों से जुड़े लोगों और संदिग्ध ठिकानों की भी जानकारी जुटाई जा रही है।
महाराष्ट्र-छत्तीसगढ़ सीमा का यह जंगल क्षेत्र माओवादी गतिविधियों के लिहाज से संवेदनशील माना जाता है। ऐसे में जमीन के नीचे छिपाए गए हथियार और विस्फोटक सामग्री की बरामदगी सुरक्षा बलों के लिए महत्वपूर्ण सफलता मानी जा रही है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि सीमा से लगे जंगलों में सर्चिंग और एरिया डॉमिनेशन अभियान लगातार जारी रहेगा।
