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सरकारी नौकरी लगवाने के नाम पर लाखों रुपये की ठगी, शिक्षा विभाग

रायपुर-  शिक्षा विभाग में सरकारी नौकरी लगवाने के नाम पर लाखों रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। सिविल लाइन थाना पुलिस ने आरोपित विपिन अग्रवाल के खिलाफ धोखाधड़ी की धारा के तहत अपराध कायम किया है। 11 लाख 50 हजार की ठगी की गई है। आरोपित फरार है। पुलिस तलाश में जुटी है।

आरोपित ने खुद को जिला शिक्षा अधिकारी के कार्यालय में होना बताया था

थाने में शांति नगर निवासी सुरेंद्र पाल ने रिपोर्ट दर्ज करवाई है। सुरेंद्र ने बताया कि विपिन अग्रवाल निवासी बगीचा जिला जसपुर से कोरोना काल में शांति नगर स्थित चाय दुकान के पास हुई थी। जून 2022 में गांधी उद्यान सिविल लाइन रायपुर के पास में अपने दोस्त गिरधारी कुमार एवं रज्जाक खान के साथ बैठा था, उसी समय वहां विपिन अग्रवाल आया और जरूरी बात करने शाम को मिलने के लिए कहा। 29 जून को सुबह सभी गांधी उद्यान पहुंचे। जहां विपिन अग्रवाल मौजूद था।

विपिन ने कहा कि उसकी पहचान कई सरकारी विभागों में है। उसने कई लोगों की सरकारी नौकरी लगवाई है। वह सरकारी नौकरी लगवा सकता है। दो दिन बाद सुरेंद्र पाल से कहा कि शिक्षा विभाग में सरकारी नौकरी लगवाने की बात कर लिया हूं, 11 लाख 50 हजार रुपये देने पड़ेंगे। 15 दिन के अंदर सरकारी नौकरी शिक्षा विभाग में लग जाएगी। विपिन ने खुद को जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में पदस्थ होना बताया।

उसने फिर से कहा कि वह कई लोगों की नौकरी वह लगवा चुका है। सुरेंद्र झांसे में आ गया और 4 जुलाई चार लाख रुपये नगदी, इसके बाद छह जुलाई 2022 को गिरधारी और रज्जाक के साथ सात लाख 50 हजार रुपये दिए। प्रार्थी ने यह रकम ब्याज के रूप में ली थी। पैसे मिलने के बाद विपिन ने कहा कि एक-दो दिन में नियुक्ति आदेश मिल जाएगा, परंतु 15 जुलाई तक नियुक्ति आदेश नहीं मिलने पर प्रार्थी ने विपिन के मोबाइल नंबर पर संपर्क किया।

आरोपित ने तीन दिन का समय और मांगा और आश्वासन दिया कि तीन दिन के अंदर सरकारी नौकरी शिक्षा विभाग में लगाने का नियुक्ति आदेश मिल जाएगा। जब नौकरी नहीं लगी तो प्रार्थी ने पैसे की मांग की। विपिन टालमटोल करने लगा। 30 जुलाई तक कोई नियुक्ति आदेश विपिन ने नहीं दिया। तब सुरेंद्र ने जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय रायपुर जाकर पता किया तो पता चला कि वहां विपिन अग्रवाल नाम का कोई व्यक्ति कार्यरत नहीं है।

जब विपिन के बारे में सब कुछ सामने आ गया तो उसने पैसे वापस करने की बात कही। 10 लाख रुपये का चेक दिया। और स्क्रीनशाट में दिखाया कि उसके खाते में 12 लाख रुपये हैं। डेढ़ लाख रुपये जल्द देने का वादा किया। जब सुरेंद्र ने चेक लगाया तो खाते में पर्याप्त राशि नहीं होने की वजह से चेक बाउंस हो गए। इसके बाद सुरेंद्र ने थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई

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