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कल मैदान में उतरेगी इंग्लैंड Vs वेस्टइंडीज, 3 टेस्ट मैचों की सीरीज शुरू

आखिरी इंटरनेशनल मैच ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड के बीच 13 मार्च को खेला गया था। इसके बाद कोरोना वायरस महामारी के चलते सारे टूर्नामेंट और द्विपक्षीय सीरीजों को स्थगित या फिर रद कर दिया गया था, लेकिन कोरोना काल में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट की बहाली इंग्लैंड बनाम वेस्टइंडीज टेस्ट सीरीज के साथ हो रही है। दुनिया भर के क्रिकेट फैंस के लिए ये खुशखबरी है, क्योंकि वे कम से कम लाइव क्रिकेट का लुत्फ उठा पाएंगे।

कोरोना वायरस महामारी के बीच कल यानी 8 जुलाई से मेजबान इंग्लैंड और वेस्टइंडीज के बीच 3 टेस्ट मैचों की सीरीज शुरू हो रही है। ये सीरीज अपने आप में ऐतिहासिक है, क्योंकि डर के बावजूद वेस्टइंडीज के खिलाड़ी इंग्लैंड में टेस्ट सीरीज खेलने के लिए आए हैं। आपको जानकर हैरानी होगी कि जब आप बुधवार से टीवी पर लाइव क्रिकेट देखेंगे तो आपको एक या दो नहीं, बल्कि 10 बड़े बदलाव देखने को मिलेंगे, जिनका जिक्र हम यहां कर रहे हैं।

खाली स्टेडियम में मैच

कोरोना वायरस किसी सतह को छूने तक से फैलता है। ऐसे में इंटरनेशनल क्रिकेट की बहाली खाली स्टेडियम में होगी और दर्शकों को स्टेडियम में बैठकर मैच देखने की अनुमति नहीं होगी। ये फैसला कोरोना की चैन को रोकने के उद्देश्य से किया गया है।

जगह-जगह सैनिटाइजर

दूसरा बड़ा बदलाव ये देखने को मिलेगा कि स्टेडियम के कोने-कोने में हैंड सैनिटाइजर लगे हुए हैं, जहां समय-समय पर खिलाड़ी अपने हाथों को सैनिटाइज कर सकते हैं। सैनिटाइजर का प्रयोग करने से संक्रमण का खतरा कम होता है, क्योंकि इससे काफी हद तक कीटाणु मर जाते हैं।

खिलाड़ी नहीं करेंगे हाई-फाइव और हग

अक्सर देखा जाता था कि गेंदबाज विकेट लेने के बाद अपने साथी खिलाड़ियों के साथ हाई-फाइव करता हुआ या फिर हग करता हुआ नजर आता था, लेकिन इंग्लैंड और वेस्टइंडीज टेस्ट सीरीज के साथ हो रही क्रिकेट की बहाली के दौरान ऐसा देखने को नहीं मिलेगा। खिलाड़ी एक दूसरे से एल्बो टच कर सकते हैं

फेक क्राउड नॉइज और टीवी स्क्रीन

दर्शकदीर्घा में कोई मौजूद नहीं होगा। ऐसे में खिलाड़ियों के उत्साहवर्धन के लिए आयोजकों ने फेक क्राउड नॉइज म्यूजिक चलाने का फैसला किया है। इसके अलावा स्टेडियम में बड़े-बड़े स्क्रीन भी नजर आएंगे, जिससे कि टीवी पर लाइव व्यू अच्छा देखने को मिले

गेंद पर नहीं लगाएंगे लार या थूक

गेंदबाजों के लिए परेशानी वाली बात ये है कि अब गेंद को चमकाने के लिए लार या थूक का प्रयोग नहीं किया जाएगा। भूलवश अगर कोई ऐसा करता है तो उसे पहले वॉर्निंग मिलेगी, लेकिन इससे बार-बार दोहराने की स्थिति में फाइन लगाया जाएगा, जबकि गेंद को चमकाने के लिए खिलाड़ी पसीने का इस्तेमाल कर सकते हैं।

कोरोना सब्सिट्यूट


वर्ल्ड कप 2019 के बाद आइसीसी ने नियम बनाया था कि मैच के दौरान अगर किसी खिलाड़ी को कोई गंभीर चोट आती है तो उसकी जगह दूसरा खिलाड़ी पूरा मैच में खेल सकता है, लेकिन कोरोना को देखते हुए ये फैसला किया गया है कि अगर कोई खिलाड़ी कोरोना के लक्षणों को महसूस करता है तो उसकी जगह दूसरा खिलाड़ी मैच खेल सकता है।

आइसीसी की वॉर्निंग

स्टेडियम में दर्शकों का शोर नहीं होगा और स्टंप और कई अन्य जगहों पर लगे माइक ऑन होंगे। ऐसे में खिलाड़ियों की आवाज साफ सुनी जा सकती है। इसलिए आइसीसी ने खिलाड़ियों को चेतावनी दी है कि कोई भी इस तरह की भाषा का इस्तेमाल नहीं करेगा, जिससे किसी को परेशानी हो।

जैव सुरक्षित वातावरण

खिलाड़ी दुनिया भर के करोड़ों खेल प्रेमियों का मनोरंजन तो करेंगे, लेकिन खुद उनको पूरी सीरीज के दौरान जैव सुरक्षित वातावरण में रहना होगा, जिसमें आपको सिर्फ होटल से स्टेडियम और स्टेडियम से होटल जाने की अनुमति होगी।

लोकल अंपायर

ट्रेवलिंग को ध्यान में रखते हुए इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल ने ये भी फैसला किया है कि मेजबान देश अपने यहां के अंपायरों से मैच में अंपायरिंग करा सकता है, लेकिन उस अंपायर को अनुभव होना चाहिए। अगर अंपायर आइसीसी एलीट पैनल का हिस्सा है तो फिर बहुत अच्छी बात है।

टीशर्ट पर सामने लोगो

आइसीसी वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप में आइसीसी ने खिलाड़ियों को टीशर्ट के पीछे नाम छापने को मंजूरी दी थी, लेकिन अगले एक साल तक जो भी टेस्ट सीरीज होगी उसकी सफेद जर्सी पर सामने बड़ा लोगो देखा जाए सकता है। इसका मकसद ये है कि बोर्ड को जो भी नुकसान हुआ हो वो प्रायोजकों से उसकी भरपाई कर सके।

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