करंट लगने से युवक की मौत, कार्रवाई की मांग को लेकर स्वास्थ्य केंद्र में प्रदर्शन
राजिम/पाण्डुका। गरियाबंद जिले के पाण्डुका क्षेत्र में निर्माण कार्य के दौरान करंट लगने से एक युवक की मौत के बाद ग्रामीणों में भारी आक्रोश व्याप्त है। घटना के विरोध में शनिवार को परिजनों और ग्रामीणों ने पाण्डुका सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचकर प्रदर्शन किया तथा जिम्मेदारों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।
जानकारी के अनुसार, जल संसाधन विभाग के अंतर्गत संचालित सीसी रोड निर्माण कार्य के दौरान शुक्रवार सुबह करीब 8 बजे पाण्डुका निवासी योगेंद्र पटेल करंट की चपेट में आकर गंभीर रूप से घायल हो गया। उसके साथियों ने तत्काल उसे पाण्डुका स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया, लेकिन परिजनों का आरोप है कि उस समय अस्पताल में कोई चिकित्सक मौजूद नहीं था। प्राथमिक उपचार में विलंब होने के कारण उसकी हालत लगातार बिगड़ती गई। बाद में उसे राजिम अस्पताल रेफर किया गया, किंतु बरोंडा के समीप रास्ते में ही उसने दम तोड़ दिया।
घटना के दूसरे दिन बड़ी संख्या में ग्रामीण और परिजन स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे और प्रदर्शन करते हुए निर्माण कार्य में सुरक्षा मानकों की अनदेखी, ठेकेदार की कथित लापरवाही तथा अस्पताल में चिकित्सकों की अनुपस्थिति को युवक की मौत का कारण बताया। परिजनों का कहना है कि यदि समय पर समुचित उपचार मिल जाता तो योगेंद्र की जान बचाई जा सकती थी।https://youtu.be/n-Op-F4xt-M?si=y53O1MXsKCcSenHe
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि हादसे के बाद संबंधित ठेकेदार मौके से चला गया और घायल मजदूर की सुध लेने तक नहीं पहुंचा। प्रदर्शनकारियों ने स्वास्थ्य विभाग, जल संसाधन विभाग और संबंधित ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए चेतावनी दी कि यदि चार दिनों के भीतर दोषियों पर कार्रवाई नहीं की गई तो उग्र आंदोलन किया जाएगा। मृतक के पिता संतुराम पटेल एवं युवा भाजपा नेता गौतम शर्मा ने भी प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई करने की मांग की है।

