फर्जी वन मुहर से लकड़ी तस्करी का खेल बेनकाब, ट्रक-क्रेन समेत अवैध लकड़ी
कवर्धा। जिले के रेंगाखार क्षेत्र में अवैध वृक्ष कटाई और लकड़ी तस्करी के बड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ है। आरोपितों ने कटे हुए पेड़ों पर वन विभाग की फर्जी मुहर लगाकर लकड़ी को वैध दर्शाने की कोशिश की और उसे इंदौर भेजने की तैयारी कर ली थी। समय रहते हुई कार्रवाई से तस्करी की यह साजिश विफल हो गई।

सूचना के आधार पर राजस्व, वन और पुलिस विभाग की संयुक्त टीम ने मौके पर दबिश दी। कार्रवाई के दौरान अवैध रूप से काटी गई लकड़ी, परिवहन में इस्तेमाल किया जा रहा ट्रक और क्रेन जब्त कर लिया गया। अधिकारियों ने मौके से आवश्यक दस्तावेज और अन्य साक्ष्य भी अपने कब्जे में लिए हैं।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि तस्कर वन विभाग की फर्जी मुहर लगाकर लकड़ी को वैध साबित करने की कोशिश कर रहे थे, ताकि बिना किसी संदेह के उसे दूसरे राज्य भेजा जा सके। अधिकारियों को आशंका है कि इस मामले में एक संगठित तस्करी नेटवर्क सक्रिय है।
वन विभाग और पुलिस पूरे मामले की गहन जांच में जुटे हैं। यह पता लगाया जा रहा है कि फर्जी मुहर किसने तैयार की, इसमें किन-किन लोगों की भूमिका रही और अब तक कितनी मात्रा में इस तरीके से लकड़ी की तस्करी की जा चुकी है। अधिकारियों का कहना है कि जांच के आधार पर दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
