रामानुजगंज में साढ़े 4 करोड़ की कथित गड़बड़ी पर बवाल, शिक्षा मंत्री के बयान
रामानुजगंज। छत्तीसगढ़ के रामानुजगंज में प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) मनीराम यादव से जुड़े करीब साढ़े चार करोड़ रुपये की कथित वित्तीय अनियमितता का मामला लगातार तूल पकड़ रहा है। मामले की जांच के बीच शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव के कथित बयान ने विवाद को और बढ़ा दिया है। मंत्री के “चार-पांच करोड़ का घोटाला कोई बड़ा घोटाला नहीं है” वाले बयान को लेकर अब जांच की गंभीरता और निष्पक्षता पर सवाल उठाए जा रहे हैं।

बताया जा रहा है कि प्रभारी डीईओ मनीराम यादव से जुड़े मामले में करीब साढ़े चार करोड़ रुपये की वित्तीय अनियमितता के आरोप सामने आए हैं। मामला सामने आने के बाद शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली और संबंधित अधिकारियों की भूमिका को लेकर भी चर्चा शुरू हो गई है।
इसी बीच शिक्षा मंत्री के बयान ने मामले को नया राजनीतिक मोड़ दे दिया है। विपक्ष और अन्य पक्षों की ओर से सवाल उठाए जा रहे हैं कि यदि सरकारी धन से जुड़ी करोड़ों रुपये की अनियमितता सामने आई है, तो इसकी जांच को गंभीरता से लिया जाना चाहिए।
मामले में अब जांच की दिशा और कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हैं। कथित वित्तीय अनियमितता में किन लोगों की भूमिका रही, राशि किस तरह खर्च या स्थानांतरित की गई और सरकारी खजाने को कितना नुकसान हुआ, यह विस्तृत जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
वहीं, शिक्षा विभाग की ओर से मामले से जुड़े दस्तावेजों और वित्तीय लेन-देन की जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद ही आरोपों की वास्तविकता और जिम्मेदारी तय होने की स्थिति स्पष्ट होगी।
साढ़े चार करोड़ रुपये की कथित गड़बड़ी और उस पर आए मंत्री के बयान को लेकर अब रामानुजगंज से लेकर राजधानी तक चर्चाएं तेज हैं। मामले में निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग भी जोर पकड़ सकती है।
