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Covid-19 महामारी के चलते स्मार्टफोन शिपमेंट हुए थे ठप्प, साल की दूसरी तिमाही में Xiaomi बनी हुई है मार्केट लीडर

नई दिल्ली | भारत में स्मार्टफोन शिपमेंट में 2020 के दूसरी तिमाही में 51 प्रतिशत की दर से साल-दर-साल (YoY) की गिरावट आई है। इस बात की जानकारी शुक्रवार को सामने आई Counterpoint Research की एक रिपोर्ट में मिली है। हालांकि COVID-19 महामारी के कारण आपूर्ति की बाधाओं का सामना करने और बढ़ती चीन विरोधी भावनाओं के बावजूद Xiaomi ने इस तिमाही में अपना नेतृत्व जारी रखा है। इसके अलावा यह जानकारी भी दी गई है कि सैमसंग ने महामारी में सबसे तेजी से रिकवरी देखी और देश में प्री-कोविड ​​के स्तर के 94 प्रतिशत स्तर तक पहुंच गई। मार्च तिमाही के दौरान दक्षिण कोरियाई कंपनी ने 16 प्रतिशत मार्केट शेयर से बढ़त बना कर 26 प्रतिशत मार्केट शेयर हासिल कर लिया है।

Counterpoint Research की एक रिपोर्ट के अनुसार, अप्रैल में राष्ट्रीय लॉकडाउन के कारण बिल्कुल ठप पड़े शिपमेंट का झटका झेलने के बाद और जून में 0.3 प्रतिशत साल-दर-साल की मामूली गिरावट दर्ज करने के बाद अब स्मार्टफोन बाज़ार सामान्य होने लगा है। Xiaomi ने 29 प्रतिशत मार्केट शेयर के साथ साल की दूसरी तिमाही में भी अपना वर्चस्व बना कर रखा है। यह पिछले साल की समान तिमाही में हासिल की गई 28 प्रतिशत मार्केट से ज्यादा है। हालांकि मार्च तिमाही की 30 प्रतिशत मार्केट से कम है।

Xiaomi के बाद, Samsung बाज़ार में दूसरे स्थान पर कायम है। पिछले साल की समान तिमाही में 25 प्रतिशत मार्केट हासिल कर चुकी सैमसंग इस तिमाही में बढ़त के साथ 26 प्रतिशत हिस्सेदारी हासिल करने में कामयाब रही है। यह इस साल की पहली तिमाही से 10 प्रतिशत ज्यादा हिस्सेदारी है।

इन पांच बड़े खिलाड़ियों के अलावा, Counterpoint Research की रिपोर्ट बताती है कि OnePlus ने 30,000 से ऊपर के प्राइस सेगमेंट की प्रीमियम मार्केट में अपने स्थान को वापस हासिल किया है। उम्मीद की जा रही है कि कंपनी OnePlus Nord के साथ इस मार्केट पर और अधिक पकड़ बनाएगी। इसके अलावा अल्ट्रा-प्रीमियम सेगमेंट, जो 45,000 रुपये से ऊपर होता है, में Apple ने अपना वर्चस्व बनाए रखा है।

काउंटरपॉइन्ट रिसर्च की विश्लेषक शिल्पी जैन ने कहा है कि भारतीय मार्केट में चीनी ब्रांड्स की भागीदारी इस साल की पहली तिमाही में 81 प्रतिशत से घट कर तीसरी तिमाही में 72 प्रतिशत पर आ गई है। रिपोर्ट का कहना है कि इस गिरावट की वजहों में ओप्पो, वीवो और रियलमी जैसे बड़े ब्राड्स की सप्लाई में आने वाली बाधाएं और भारत में तेज़ी से बढ़ रही चीन विरोधी भावनाएं हैं। ये भावनाएं खासतौर पर भारत सरकार द्वारा 50 से अधिक चीनी ऐप्स को बैन करने के बाद बढ़ गई। भारत-चीन सीमा विवाद के बाद से ही चीनी ब्रांड्स के शेयर में गिरावट भी आई है।

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