29 साल से झोपड़ी में स्कूल, अब पक्के भवन की उम्मीद
सरगुजा। जिले के नरकट गांव में शासकीय प्राथमिक स्कूल पिछले 29 वर्षों से झोपड़ीनुमा भवन में संचालित हो रहा है। बदहाल सुविधाओं के बीच यहां वर्तमान में 17 बच्चे पढ़ाई कर रहे हैं। लंबे समय से स्कूल भवन की समस्या झेल रहे विद्यार्थियों और ग्रामीणों के लिए अब राहत की उम्मीद जगी है। स्कूल भवन की स्वीकृति के बाद जल्द ही निर्माण कार्य शुरू होने की बात कही गई है।

नरकट गांव के शासकीय प्राथमिक स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों को बारिश, गर्मी और अन्य मौसम की चुनौतियों के बीच झोपड़ी में बैठकर पढ़ाई करनी पड़ रही है। स्कूल में पर्याप्त बुनियादी सुविधाओं का अभाव होने के कारण विद्यार्थियों और शिक्षकों को भी कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों के अनुसार, गांव में स्कूल की शुरुआत के बाद से ही बच्चों के लिए स्थायी भवन की जरूरत महसूस की जाती रही है। करीब तीन दशक बीत जाने के बावजूद स्कूल को अब तक पक्का भवन नहीं मिल सका। इसके कारण बच्चों की पढ़ाई के लिए झोपड़ी का ही सहारा बना हुआ है।
स्कूल में वर्तमान में 17 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। सीमित संसाधनों के बीच शिक्षक बच्चों को पढ़ाने का काम कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि बच्चों की शिक्षा के लिए बेहतर वातावरण और सुरक्षित भवन बेहद जरूरी है।
हालांकि अब स्कूल भवन को लेकर सकारात्मक पहल हुई है। शासकीय प्राथमिक स्कूल के नए भवन को स्वीकृति मिल चुकी है और जल्द ही निर्माण कार्य शुरू किए जाने की जानकारी है। भवन बनने के बाद विद्यार्थियों को सुरक्षित और बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध हो सकेगा।
ग्रामीणों को उम्मीद है कि निर्माण कार्य में अब किसी तरह की देरी नहीं होगी और जल्द ही बच्चों को झोपड़ी से निकलकर अपने नए स्कूल भवन में पढ़ने का अवसर मिलेगा।
